Maharashtra Politics: क्या शरद पवार की NCP होगी NDA में शामिल? बीजेपी के बड़े प्लान की चर्चा से तेज हुई सियासी हलचल

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नई दिल्ली: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर नए समीकरण बनने की अटकलें तेज हो गई हैं। चर्चा है कि शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) भविष्य में एनडीए का हिस्सा बन सकती है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी की रणनीति सीधे शरद पवार गुट को साथ लाने की नहीं, बल्कि पहले एनसीपी के दोनों गुटों के एकीकरण पर केंद्रित है। इसी बीच संसद के आगामी मानसून सत्र और संभावित परिसीमन विधेयक को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

बीजेपी की रणनीति में पहले दोनों गुटों का एक होना जरूरी

सूत्रों के अनुसार, बीजेपी का मानना है कि एनसीपी के शरद पवार और अजित पवार गुट के बीच पहले मतभेद खत्म होने चाहिए। पार्टी का आकलन है कि दोनों धड़ों के एक मंच पर आने के बाद ही एनडीए में शामिल होने जैसे किसी बड़े राजनीतिक कदम पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल केवल शरद पवार या उनके करीबी नेताओं को अलग से गठबंधन में शामिल करने की कोई स्पष्ट योजना नहीं बताई जा रही है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व की भी उठी मांग

उधर, महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के साथ सरकार चला रही अजित पवार की एनसीपी भी अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर सक्रिय नजर आ रही है। पार्टी नेताओं ने मांग की है कि भविष्य में होने वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में राज्यसभा सांसद पार्थ पवार को मंत्री बनाया जाए। इससे राज्य की सियासत में नई चर्चाओं को बल मिला है।

परिसीमन विधेयक से जुड़ रही हैं राजनीतिक चर्चाएं

संसद के मानसून सत्र में संविधान संशोधन और परिसीमन से जुड़े विधेयक लाए जाने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और नए परिसीमन की प्रक्रिया शुरू होने की स्थिति में सरकार के लिए विभिन्न दलों का समर्थन महत्वपूर्ण होगा।

लोकसभा में एनसीपी (एसपी) के आठ सांसद और राज्यसभा में एक सदस्य हैं। ऐसे में पार्टी का समर्थन या तटस्थ रुख भी राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

सुप्रिया सुले ने रखा पार्टी का रुख

एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष और बारामती सांसद सुप्रिया सुले ने कहा है कि यदि सभी राज्यों में समान आधार पर सीटों की संख्या बढ़ाई जाती है तो उस पर विचार किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय पर अंतिम निर्णय विपक्षी गठबंधन के सहयोगी दलों से चर्चा के बाद ही लिया जाएगा और पार्टी ने अभी किसी तरह का औपचारिक समर्थन नहीं दिया है।

हालिया मुलाकातों से बढ़ीं अटकलें

हाल के दिनों में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और एनसीपी के दोनों गुटों के नेताओं के बीच हुई बैठकों के बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं। हालांकि संबंधित नेताओं का कहना है कि ये मुलाकातें स्थानीय प्रशासनिक और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर थीं, न कि किसी राजनीतिक पुनर्गठन के लिए।

इसके बावजूद महाराष्ट्र में एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित एकीकरण और भविष्य में नए राजनीतिक समीकरण बनने की अटकलें लगातार बनी हुई हैं।

 

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