उप जिलाधिकारी दादरी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में जिले में राजस्व बकायेदारों के खिलाफ वसूली अभियान चलाया जा रहा है। इसमें रेरा की ओर से जारी वसूली प्रमाण-पत्रों के बावजूद लंबे समय से बकाया रकम जमा नहीं करने वाले बिल्डरों पर विशेष कार्रवाई की जा रही है।
77 करोड़ 66 लाख रुपये से अधिक की बकाया राशि
प्रशासन के मुताबिक, दादरी तहसील में रेरा की ओर से जारी वसूली प्रमाण-पत्र के तहत मैसर्स अंसल हाईटेक टाउनशिप्स लिमिटेड और उत्तम स्टील्स एसोसिएट्स लिमिटेड के खिलाफ कुल 77 करोड़ 66 लाख 80 हजार 434 रुपये और ब्याज की रकम बकाया है। इस धनराशि की वसूली भू-राजस्व के बकाये के रूप में की जानी है।
प्रशासन ने बताया कि संबंधित फर्म को नियमानुसार मांग-पत्र जारी कर तामील कराया गया था। इसके बावजूद निर्धारित समय में बकाया रकम जमा नहीं की गई। इसके बाद उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 171 और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के संबंधित प्रावधानों के तहत गिरफ्तारी का अधिपत्र यानी आरसी प्रपत्र-37 जारी किया गया।
पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने की गिरफ्तारी
जारी अधिपत्र के अनुपालन में 30 अक्टूबर 2026 को पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने बंटी पुत्र प्रहलाद को गिरफ्तार किया। वह अंसल हाईटेक टाउनशिप्स लिमिटेड और उत्तम स्टील्स एसोसिएट्स लिमिटेड के निदेशक हैं। गिरफ्तारी के बाद उन्हें उप जिलाधिकारी दादरी के समक्ष पेश किया गया।
प्रशासन के अनुसार, बकायेदार को सुनवाई का अवसर देने के साथ बकाया धनराशि जमा करने या पर्याप्त प्रतिभूति प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। हालांकि, न तो बकाया रकम जमा की गई और न ही पर्याप्त प्रतिभूति उपलब्ध कराई गई। इसके बाद उन्हें अधिकतम 15 दिनों के लिए निरुद्ध कर जिला कारागार भेजने का आदेश दिया गया। इस संबंध में जेल अधीक्षक को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी भेज दिए गए हैं।
बकाया जमा नहीं करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राजस्व वसूली के मामलों में किसी भी बकायेदार को अनावश्यक छूट नहीं दी जाएगी। पर्याप्त अवसर दिए जाने के बाद भी भुगतान नहीं करने वालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कुर्की, नीलामी और गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने दादरी तहसील के सभी बकायेदारों से अपील की है कि वे अपने खिलाफ लंबित वसूली प्रमाण-पत्रों के अनुसार बकाया धनराशि तत्काल जमा कर दें। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।