भारत और पाकिस्तान में सीजफायर लागू, ट्रंप के दावे के बाद MEA ने दी जानकारी

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वाशिंगटन: भारत और पाकिस्तान ने संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता में चली लंबी और गहन बातचीत के बाद आखिरकार युद्धविराम पर सहमति व्यक्त कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम की घोषणा करते हुए दोनों देशों की ‘सामान्य समझदारी और महान बुद्धिमत्ता’ की सराहना की है। ट्रंप की घोषणा के बाद MEA ने इसकी जानकारी दी है। यह ऐतिहासिक कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दोनों देशों के बीच सीमा पर लगातार ड्रोन हमले, गोलाबारी और अत्यधिक तनावपूर्ण हालात बने हुए थे, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर गंभीर चिंता बढ़ गई थी।

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि आज दोपहर 3.15 बजे पाकिस्तान के डीजीएमओ का भारत के डीजीएमओ के पास फोन आया था। अब 12 मई को दोनों देशों के डीजीएमओ फिर से बातचीत करेंगे। विदेश सचिव ने कहा कि दोनों देश गोलीबारी बंद करने पर सहमत हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते की घोषणा करते हुए अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा, मैं यह घोषणा करते हुए काफी खुशी महसूस कर रहा हूं कि भारत और पाकिस्तान ने पूर्ण और तत्काल संघर्षविराम पर सहमति जताई है। दोनों देशों को सामान्य समझदारी और श्रेष्ठ बुद्धिमत्ता का परिचय देने के लिए बधाई।” अमेरिकी पक्ष ने इस निर्णय को दोनों देशों की परिपक्वता का परिणाम बताया है।

पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने ट्वीट किया, पाकिस्तान और भारत तत्काल प्रभाव से युद्ध विराम पर सहमत हो गए हैं। पाकिस्तान ने हमेशा अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से समझौता किए बिना क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए प्रयास किया है।

वहीं, अमेरिका के विदेश मंत्री ने इस मध्यस्थता प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बीते 48 घंटों के दौरान उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उन्होंने भारत और पाकिस्तान के शीर्ष अधिकारियों के साथ गहन बातचीत की है। इन वार्ताओं में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर समेत दोनों देशों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे, जिन्होंने शांति बहाली के लिए सक्रिय रूप से सहयोग किया।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में भारतीय वायु सेना द्वारा पाकिस्तान के भीतर की गई एयर स्ट्राइक के बाद से सीमा पर तनाव चरम पर था। पाकिस्तान की ओर से लगातार ड्रोन हमले, मिसाइलें और भारी गोलाबारी की जा रही थी, जिसके जवाब में भारत भी कड़ी प्रतिक्रिया दे रहा था। इन घटनाओं ने न केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की जान खतरे में डाल दी थी, बल्कि पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल बना दिया था।

इस युद्धविराम समझौते के बाद अब यह उम्मीद की जा रही है कि भारत-पाकिस्तान सीमा पर शांति बहाल होगी और दोनों देशों के बीच तनाव कम करने को लेकर आगे भी सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे। वैश्विक समुदाय ने भी इस पहल का स्वागत किया है और आशा व्यक्त की है कि यह समझौता दक्षिण एशिया में स्थिरता और शांति के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त करेगा।

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