वॉशिंगटन: उत्तरी सागर के गहरे तल में स्थित सिल्वरपिट क्रेटर के निर्माण का रहस्य वैज्ञानिकों ने सुलझा लिया है। शोध में पता चला है कि लगभग 43-46 मिलियन साल पहले 160 मीटर चौड़ा एस्टेरॉयड या धूमकेतु समुद्र तल से टकराया था, जिससे एक भयानक मेगा-सुनामी उठी, जिसकी लहरें 100 मीटर यानी 328 फीट तक ऊंची थीं। इस घटना ने सिल्वरपिट क्रेटर का निर्माण किया और दशकों से चली आ रही उत्पत्ति संबंधी अटकलों को समाप्त कर दिया।
एस्टेरॉयड से लगी महा-सुनामी
एडिनबर्ग की हेरियट-वॉट यूनिवर्सिटी के डॉक्टर उइसडीन निकोलसन के नेतृत्व में नेचुरल एनवायरनमेंट रिसर्च काउंसिल (NERC) के सहयोग से की गई रिसर्च में पाया गया कि एस्टेरॉयड समुद्र तल से टकराने के कुछ ही मिनटों में चट्टानों और पानी की 1.5 किलोमीटर ऊंची दीवार बना दी। यह दीवार ढहकर समुद्र में समा गई और इसके परिणामस्वरूप 100 मीटर से अधिक ऊंची सुनामी उत्पन्न हुई।
समुद्र तल से लिए गए नमूने और सबूत
शोधकर्ताओं ने समुद्र तल में बने तेल के कुओं से नमूने लेकर उनका विश्लेषण किया। जांच में दुर्लभ शॉक्ड क्वार्ट्ज और फेल्डस्पार जैसे सूक्ष्म क्रिस्टल पाए गए। ये क्रिस्टल केवल एस्टेरॉयड के टकराव और अत्यधिक दबाव में बन सकते हैं। डॉक्टर निकोलसन ने बताया कि इन नमूनों ने सिल्वरपिट क्रेटर के एस्टेरॉयड प्रभाव सिद्धांत को प्रमाणित किया है।
उच्च तकनीक के उपकरणों से पुष्टि
अध्ययन में अत्याधुनिक सीस्मिक इमेजिंग तकनीक का उपयोग किया गया। वैज्ञानिकों के अनुसार यह सुनामी लंदन के मशहूर बिग बेन की ऊंचाई (96 मीटर) से भी अधिक ऊंची थी। इस रिसर्च के परिणाम सिल्वरपिट क्रेटर के निर्माण के पीछे की वास्तविक प्रक्रिया को समझने में निर्णायक साबित होंगे।