‘रुपाली चाकणकर का हो नार्को टेस्ट’: तांत्रिक अशोक खरात कांड पर सुषमा अंधारे का बड़ा हमला, इस्तीफे की भी उठाई मांग
नासिक के स्वघोषित तांत्रिक अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। महिलाओं के यौन शोषण के आरोपों में गिरफ्तार खरात के राजनीतिक संबंधों को लेकर पहले से ही चर्चाएं थीं, लेकिन अब इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है। शिवसेना (यूबीटी) की नेता सुषमा अंधारे ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें सीधे निशाने पर लिया है।
रुपाली चाकणकर पर तंत्र-मंत्र से जुड़े होने का आरोप
सुषमा अंधारे ने एक पत्रकार वार्ता में दावा किया कि रुपाली चाकणकर न केवल अशोक खरात को जानती थीं, बल्कि वे तंत्र-मंत्र से जुड़ी गतिविधियों में भी शामिल रही हैं। उन्होंने वर्ष 2024 के कुछ फोटो और दस्तावेज पेश करते हुए कहा कि 2 सितंबर 2024 को सोमवती अमावस्या के दिन चाकणकर की अनामिका उंगली कटने की घटना सामान्य नहीं थी, बल्कि यह एक तांत्रिक क्रिया का हिस्सा थी। अंधारे के अनुसार, इस घटना के बाद चाकणकर की उंगली पर करीब तीन महीने तक पट्टी बंधी रही, जो उनके दावों को मजबूत करता है।
खरात और चाकणकर के बीच पारिवारिक संबंध होने का दावा
सुषमा अंधारे ने यह भी आरोप लगाया कि रुपाली चाकणकर और अशोक खरात के बीच गहरे पारिवारिक संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि खरात की बेटी की शादी में चाकणकर की सक्रिय उपस्थिति थी और खरात की भांजी भी उनके संपर्क में रहती थी। हालांकि, रुपाली चाकणकर इन सभी आरोपों को पहले ही सिरे से खारिज कर चुकी हैं।
इस्तीफे और नार्को टेस्ट की उठी मांग
मामले को गंभीर बताते हुए सुषमा अंधारे ने मांग की कि रुपाली चाकणकर को नैतिक आधार पर राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे कथित तांत्रिक नेटवर्क की सच्चाई सामने लाने के लिए चाकणकर का नार्को टेस्ट कराया जाना जरूरी है। अंधारे के मुताबिक, पीड़ितों से मिली जानकारी बेहद चौंकाने वाली है और यदि ऐसे लोगों को संरक्षण मिलता रहा तो यह समाज के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
राजनीति में बढ़ा विवाद, आरोप-प्रत्यारोप तेज
अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद इस मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है। एक ओर जहां सुषमा अंधारे लगातार सवाल उठा रही हैं, वहीं दूसरी ओर रुपाली चाकणकर इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर चुकी हैं। ऐसे में यह मामला अब राजनीतिक बहस का केंद्र बनता जा रहा है।