मुंबई: महाराष्ट्र के नासिक में फर्जी बाबा अशोक खरात रेप मामले के बाद राजनीतिक और सामाजिक दबाव बढ़ता गया है। इसी बीच महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली निलेश चाकणकर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सूत्रों के अनुसार, इससे पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चाकणकर से मुलाकात की और उन्हें इस्तीफा देने का निर्देश दिया।
सीएम को लिखे इस्तीफे में कही ये बातें
रुपाली चाकणकर ने अपने इस्तीफे में कहा कि 15 अक्टूबर 2024 को उन्हें महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। अब व्यक्तिगत कारणों से वह स्वेच्छा से पद छोड़ रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान उन्हें पूरा सहयोग और विश्वास मिला। चाकणकर ने अपने पत्र में यह भी अनुरोध किया कि उनके इस्तीफे को स्वीकार किया जाए।
SIT जांच की मांग
नासिक में फर्जी बाबा अशोक खरात के रेप मामले में चाकणकर ने पुलिस को पत्र लिखकर SIT के माध्यम से निष्पक्ष जांच की मांग की है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कई आपत्तिजनक वीडियो सामने आए हैं, जिससे संभावना जताई जा रही है कि और भी पीड़ित हो सकते हैं। महिला आयोग ने सभी पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
रूपाली चाकणकर की सफाई
चाकणकर ने कहा कि वे प्रदेश अध्यक्ष रहते मंदिर ट्रस्ट का हिस्सा थीं। उनका ट्रस्ट का कार्यकाल पिछले साल खत्म हो गया था। मीडिया में जो वीडियो दिखाया जा रहा है, वह पुराना है और गुरु पूर्णिमा के मौके का है। उन्होंने कहा कि उन्होंने बाद में घटना की गंभीरता समझी और ट्वीट भी किया। साथ ही, उन्होंने दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की।
संजय राउत का तंज और विपक्षी प्रतिक्रिया
शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने कहा कि रूपाली चाकणकर का काम महिलाओं को न्याय दिलाना था, लेकिन वह ऐसे व्यक्ति के स्वागत में नजर आईं जिस पर बलात्कार का आरोप था।
फर्जी बाबा अशोक खरात पर आरोप
अशोक खरात पर आरोप है कि उसने एक महिला को नशीला पेय दिया और नवंबर 2022 से दिसंबर 2025 के बीच कई बार उसके साथ बलात्कार किया। इसके अलावा कई अन्य महिलाओं के यौन शोषण के आरोप भी लगे हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर 24 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।