मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बार फिर ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार को जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने साफ कहा कि ईरान के खिलाफ इजरायल का अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
नेतन्याहू ने अपने बयान में दावा किया कि इजरायल ने ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को काफी हद तक विफल कर दिया है, लेकिन अभी भी खतरा पूरी तरह टला नहीं है।
‘अभी और काम बाकी है’
हिब्रू भाषा में जारी वीडियो संदेश में नेतन्याहू ने कहा कि यह अभियान जारी रहेगा और इजरायल को अभी और कदम उठाने होंगे। उन्होंने इसे अब तक की कार्रवाई को “ऐतिहासिक उपलब्धि” बताया, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि मिशन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
ईरान परमाणु हथियार के करीब था: दावा
नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के बेहद करीब पहुंच चुका था। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान प्रतिदिन सैकड़ों मिसाइलें बनाने की क्षमता विकसित कर रहा था, जो इजरायल के लिए बड़ा खतरा था।
उनके मुताबिक, यही दो प्रमुख कारण थे, जिनकी वजह से इजरायल को सैन्य अभियान शुरू करना पड़ा।
‘छिपाया जा रहा था परमाणु कार्यक्रम’
इजरायली प्रधानमंत्री ने यह भी दावा किया कि ईरान का नेतृत्व अपने परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल उत्पादन को जमीन के काफी अंदर छिपाने की कोशिश कर रहा था, ताकि उन तक पहुंच पाना मुश्किल हो जाए।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में इजरायल के पास चुप बैठने का विकल्प नहीं था और उसे कार्रवाई करनी पड़ी।
400 किलोग्राम यूरेनियम पर जताई चिंता
नेतन्याहू ने अपने बयान में यह भी कहा कि ईरान के पास अभी भी 400 किलोग्राम से अधिक संवर्धित यूरेनियम मौजूद है, जो क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस खतरे को खत्म करने के लिए दो विकल्प हैं—या तो कूटनीतिक तरीके से समाधान निकाला जाए या फिर जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग किया जाए।
बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव
नेतन्याहू के इस बयान को ऐसे समय में देखा जा रहा है, जब पहले से ही मध्य-पूर्व में तनाव बना हुआ है और कई मोर्चों पर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सख्त बयानों से क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है, साथ ही वैश्विक स्तर पर भी इसके प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।