सीजफायर के तुरंत बाद उत्तर कोरिया का बड़ा कदम, किम जोंग ने दागीं मिसाइलें, दक्षिण कोरिया में हड़कंप

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सियोल से आई बड़ी खबर ने वैश्विक तनाव को फिर बढ़ा दिया है। जहां एक ओर ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर से दुनिया राहत की सांस ले रही थी, वहीं उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट से मिसाइल दागकर माहौल फिर तनावपूर्ण कर दिया। इस कदम से दक्षिण कोरिया में हड़कंप मच गया है।

पूर्वी तट से कई बैलिस्टिक मिसाइलों का प्रक्षेपण
दक्षिण कोरिया की सेना के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तटीय क्षेत्र से समुद्र की ओर कई कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह पिछले दो दिनों में दूसरा मिसाइल परीक्षण है, जिसने क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

वॉनसन से लॉन्च, 240 किलोमीटर तक की मार
दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने जानकारी दी कि ये मिसाइलें वॉनसन इलाके से दागी गईं और करीब 240 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए पूर्वी समुद्री क्षेत्र की ओर बढ़ीं। सेना ने स्पष्ट किया कि वह अमेरिका के साथ अपने मजबूत सैन्य गठबंधन के तहत किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

एक और संदिग्ध लॉन्च की जांच जारी
दक्षिण कोरियाई सेना ने यह भी बताया कि इससे एक दिन पहले राजधानी के आसपास के इलाके से एक अज्ञात मिसाइल लॉन्च का पता चला था। फिलहाल दक्षिण कोरिया और अमेरिका की खुफिया एजेंसियां इस प्रक्षेपण से जुड़ी सभी जानकारियों का विश्लेषण कर रही हैं।

पिछला परीक्षण संभवतः असफल
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछला प्रोजेक्टाइल संभवतः बैलिस्टिक मिसाइल था, जो लॉन्च के शुरुआती चरण में असामान्य गतिविधि दिखाने के बाद रडार से गायब हो गया। इससे संकेत मिलते हैं कि वह परीक्षण असफल रहा हो सकता है।

संबंध सुधारने के संकेत नहीं
उत्तर कोरिया ने साफ कर दिया है कि वह दक्षिण कोरिया के साथ संबंध सुधारने का इच्छुक नहीं है। दूसरी ओर, दक्षिण कोरिया की सरकार लगातार वार्ता बहाल करने की उम्मीद जताती रही है, लेकिन प्योंगयांग का रुख सख्त बना हुआ है।

उत्तर कोरिया का तीखा बयान, दक्षिण कोरिया को बताया दुश्मन
उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने दक्षिण कोरिया को अपना “कट्टर दुश्मन” बताया और उसके नेतृत्व पर तीखी टिप्पणी की। बयान में दक्षिण कोरिया के हालिया रुख का मजाक भी उड़ाया गया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा गया है।

चेतावनी के साथ कूटनीतिक संकेत भी
उत्तर कोरियाई नेतृत्व ने एक ओर दक्षिण कोरिया को चेतावनी दी कि किसी भी उकसावे पर कड़ा जवाब दिया जाएगा, वहीं कुछ बयानों में कूटनीतिक संकेत भी दिए गए। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति द्वारा हालिया घटनाओं पर खेद जताने को उत्तर कोरिया ने सकारात्मक कदम बताया, लेकिन साथ ही दोहराया कि भविष्य में ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

बातचीत से इनकार, परमाणु ताकत पर फोकस
उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ बातचीत में लौटने से इनकार कर दिया है। 2019 में अमेरिका के साथ कूटनीतिक प्रयास विफल होने के बाद से उसने अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को और मजबूत करने पर जोर दिया है। साथ ही यह भी संकेत दिया है कि वह बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन शर्तों में परमाणु निरस्त्रीकरण शामिल नहीं होना चाहिए।

 

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