नक्शा पास कराने या फिर भू-उपयोग को लेकर आने वाली बाधाएं दूर होने जा रही हैं। आवास विभाग द्वारा तैयार उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण भवन निर्माण एवं विकास उपविधि तथा आदर्श जोनिंग रेगुलेशंस में संशोधन के लिए पांच सदस्यीय समिति बना दी गई है। समिति देखेगी कि इसमें क्या समस्या आ रही है और इसे दूर करने के लिए नियमों में बदलाव की क्या जरूरत है। समिति सात दिन में प्रमुख सचिव आवास पी. गुरु प्रसाद को अपनी रिपोर्ट देगी। इसके आधार पर कैबिनेट से प्रस्ताव पास कराया जाएगा।
शहरों में निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण भवन निर्माण एवं विकास उपविधि तथा आदर्श जोनिंग रेगुलेशेंस में व्यवस्था की गई है। इसके आधार पर आवासीय और व्यवसायिक भवनों के नक्शे विकास प्राधिकरणों द्वारा पास किए जाते हैं। आवास विभाग द्वारा पिछले वर्ष नई उपविधि बनाई गई है। इस उपविधि में कुछ खामियां रह गई हैं। इससे नक्शा पास कराने में बाधा आ रही है। इसीलिए शासन स्तर से पांच सदस्यीय समिति बनाते हुए रिपोर्ट देने को कहा गया है।

समिति का अध्यक्ष लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को बनाया गया है। मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक सदस्य संयोजक बनाए गए हैं। इसके अलावा सीटीपी लखनऊ, कानपुर व गाजियाबाद, मुख्य वास्तुविद नियोजक आवास विकास परिषद और निदेशक आवास बंधु को सदस्य बनाया गया है। समिति उपविधि का अध्ययन करेगी और देखेगी कि इसमें क्या खामियां रह गई हैं। बताया जा रहा है कि बड़े भवनों के निर्माण की तो काफी राहत है, लेकिन छोटे भवनों के निर्माण के लिए नक्शा पास कराने के लिए कई नियम लगा दिए गए हैं।
भू-स्वामित्व नामांतरण व भू-उपयोग बदलने की प्रक्रिया होगी आसान
इसके अलावा यूपी सरकार भू-स्वामित्व नामांतरण व भू-उपयोग बदलने की प्रक्रिया को और आसान बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्टांप विभाग और राजस्व परिषद नामांतरण की धारा-34 और भू-उपयोग की धारा 80 की प्रक्रियाओं का ऑनलाइन सरलीकरण किया जा रहा है। राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र (एनआईसी) द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर से इसे एकीकृत प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है। इसे फरवरी 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।