वनडे विश्व कप 2027 को लेकर तस्वीर धीरे-धीरे साफ हो रही है, लेकिन अभी भी सभी टीमों की स्थिति तय नहीं हुई है। अगले साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाला यह बड़ा टूर्नामेंट दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा। जहां मेजबान होने के नाते दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे पहले ही क्वालीफाई कर चुके हैं, वहीं नामीबिया की टीम के सामने अब बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
एसोसिएट नेशन होने के कारण नामीबिया को विश्व कप में जगह बनाने के लिए क्वालीफिकेशन का कठिन रास्ता तय करना होगा, और फिलहाल उसकी स्थिति बेहद कमजोर नजर आ रही है।
लीग-2 में पिछड़ने से बढ़ी मुश्किलें
विश्व कप 2027 के क्वालीफिकेशन के लिए आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग 2 अहम भूमिका निभा रहा है। इस लीग की मौजूदा अंक तालिका में नामीबिया छठे स्थान पर है, जो उसके लिए खतरे की घंटी है।
अब तक खेले गए 24 मुकाबलों में टीम सिर्फ 9 मैच जीत पाई है, जबकि 14 में हार का सामना करना पड़ा। यही वजह है कि अमेरिका, स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स जैसी टीमें उससे आगे निकल चुकी हैं।
12 अप्रैल तक होगा भविष्य का फैसला
नामीबिया के लिए अगले 9 दिन बेहद अहम हैं। लीग-2 का मौजूदा चरण 12 अप्रैल 2026 को खत्म होगा और इसी के साथ टीम की किस्मत भी तय हो जाएगी। आखिरी मुकाबला स्कॉटलैंड के खिलाफ खेला जाना है।
टीम के पास अभी 4 वनडे मैच बाकी हैं और टॉप-4 में जगह बनाने के लिए उसे हर हाल में ये सभी मुकाबले जीतने होंगे। इसके अलावा उसे ओमान और नीदरलैंड्स को अंक तालिका में पीछे छोड़ना होगा।
टॉप-4 से बाहर हुई तो और मुश्किल होगा रास्ता
अगर नामीबिया की टीम टॉप-4 में जगह नहीं बना पाती है, तो वह सीधे क्वालीफाई नहीं कर पाएगी। ऐसे में उसे क्वालीफायर प्लेऑफ का रास्ता अपनाना होगा, जो और ज्यादा चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
कुल मिलाकर, आने वाले दिन नामीबियाई क्रिकेट के लिए ‘करो या मरो’ जैसे हैं। अगर टीम इन आखिरी मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाती, तो 2027 वनडे विश्व कप में खेलने का सपना अधूरा रह सकता है।