ODI World Cup 2027: भारत के ग्रुप में हो सकती हैं ये टीमें, फिर पाकिस्तान से महामुकाबले की पूरी संभावना
2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियां अभी शुरुआती चरण में हैं। फिलहाल क्वालीफायर मुकाबलों का दौर जारी है और कई टीमों के बीच अगले चरण में जगह बनाने की जंग दिलचस्प बनी हुई है। हालांकि अब तक न तो टूर्नामेंट का पूरा शेड्यूल सामने आया है और न ही ग्रुपों की आधिकारिक घोषणा हुई है, लेकिन पिछले पैटर्न और संभावित सीडिंग के आधार पर चर्चाएं तेज हो गई हैं कि भारत के ग्रुप में कौन-कौन सी टीमें शामिल हो सकती हैं।
14 टीमों के साथ होगा वर्ल्ड कप का आयोजन
आईसीसी ने पहले ही साफ कर दिया है कि वनडे वर्ल्ड कप 2027 में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें से शीर्ष 8 टीमें रैंकिंग के आधार पर सीधे क्वालीफाई करेंगी, जबकि बाकी स्थान क्वालीफायर मुकाबलों से तय होंगे। टूर्नामेंट को दो ग्रुपों में बांटा जाएगा, जिसमें हर ग्रुप में 7-7 टीमें होंगी। यह व्यवस्था इस तरह बनाई जाती है कि दोनों ग्रुपों में प्रतिस्पर्धा का संतुलन बना रहे और कोई भी ग्रुप ज्यादा मजबूत या कमजोर न हो।
रैंकिंग के आधार पर तय होगा ग्रुप स्ट्रक्चर
आईसीसी की योजना के अनुसार टीमों का अंतिम चयन 31 मार्च 2027 की वनडे रैंकिंग के आधार पर किया जाएगा। हालांकि मौजूदा रुझानों को देखते हुए इसमें बड़े बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है। मौजूदा समय में भारत वनडे रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर है और अनुमान है कि वह इसी स्थिति में टूर्नामेंट में प्रवेश करेगा। ऐसे में भारत को एक ग्रुप का नेतृत्व करने की पूरी संभावना है।
भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर टिकी नजरें
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा जाएगा। पिछले टूर्नामेंट्स के अनुभव को देखते हुए इस संभावना को काफी मजबूत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सुपर-6 चरण तक दोनों टीमों के पहुंचने की स्थिति बनाए रखने के लिए उन्हें एक ही ग्रुप में रखा जा सकता है, ताकि दर्शकों को यह हाई-वोल्टेज मुकाबला देखने को मिले।
अन्य टीमों की संभावित एंट्री से बनेगा मजबूत ग्रुप
भारत के ग्रुप में पाकिस्तान के अलावा न्यूजीलैंड, श्रीलंका, अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और कुछ क्वालीफायर टीमों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। इनमें नीदरलैंड्स, स्कॉटलैंड जैसी टीमें भी क्वालीफाई कर सकती हैं। मेजबान देशों में शामिल दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे की स्थिति भी ग्रुप गठन में अहम भूमिका निभा सकती है।
रेवेन्यू और व्यूअरशिप भी अहम फैक्टर
क्रिकेट जगत में माना जाता है कि भारत-पाकिस्तान मुकाबला किसी भी टूर्नामेंट का सबसे बड़ा व्यावसायिक आकर्षण होता है। ब्रॉडकास्टर्स की नजरें भी इसी हाई-वोल्टेज मुकाबले पर टिकी रहती हैं, क्योंकि यही मैच सबसे ज्यादा दर्शक और रेवेन्यू आकर्षित करता है। यही कारण है कि दोनों टीमों के एक ही ग्रुप में होने की संभावना लगातार चर्चा में बनी रहती है।
कुल मिलाकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन संभावनाएं यही संकेत दे रही हैं कि 2027 का वनडे वर्ल्ड कप एक बार फिर बड़े मुकाबलों और रोमांच से भरपूर होने वाला है, जिसमें भारत और पाकिस्तान की टक्कर पर दुनिया की निगाहें टिकी होंगी।