वनडे वर्ल्ड कप 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो चुकी हैं, लेकिन अब तक यह साफ नहीं है कि किन-किन टीमों को इस मेगा टूर्नामेंट में खेलने का मौका मिलेगा। अगले डेढ़ साल में आईसीसी रैंकिंग इस पूरी तस्वीर को तय करने में सबसे अहम भूमिका निभाने वाली है, जहां कुछ बड़ी टीमों पर खतरा मंडरा रहा है तो कई छोटी टीमों के लिए दरवाजे खुल सकते हैं।
अक्टूबर-नवंबर 2027 में होगा टूर्नामेंट, 14 टीमें लेंगी हिस्सा
अगला वनडे वर्ल्ड कप अक्टूबर से नवंबर 2027 के बीच खेला जाएगा, जिसकी मेजबानी साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया करेंगे। इस बार टूर्नामेंट में 14 टीमें हिस्सा लेंगी। लंबे समय बाद पुराने फॉर्मेट की वापसी हो रही है, जिसमें सुपर-6 राउंड भी शामिल होगा, जो पहले काफी लोकप्रिय रहा है।
टॉप-8 टीमों को मिलेगी सीधी एंट्री, कट-ऑफ डेट तय
आईसीसी ने साफ कर दिया है कि वनडे रैंकिंग की टॉप-8 टीमों को सीधे वर्ल्ड कप में एंट्री मिलेगी। इसके लिए 31 मार्च 2027 की तारीख तय की गई है। इस दिन तक जो टीमें रैंकिंग में टॉप-8 में रहेंगी, उनकी जगह पक्की हो जाएगी। ऐसे में 2026 के आखिर और 2027 की शुरुआत में खेले जाने वाले मैच बेहद निर्णायक होंगे।
2026-27 में रैंकिंग को लेकर होगी जबरदस्त टक्कर
कट-ऑफ डेट नजदीक आते ही टीमों के बीच रैंकिंग बचाने और सुधारने की जंग तेज हो जाएगी। टॉप-8 में शामिल टीमें अपनी स्थिति बनाए रखने की कोशिश करेंगी, जबकि बाहर की टीमें उसमें जगह बनाने के लिए पूरी ताकत झोंकेंगी। इस दौरान बड़ी टीमें कमजोर टीमों के खिलाफ खेलने से बच सकती हैं, क्योंकि हार की स्थिति में रैंकिंग को बड़ा नुकसान हो सकता है।
टॉप-8 से बाहर टीमों के लिए मुश्किल रास्ता
जो टीमें टॉप-8 में जगह नहीं बना पाएंगी, उन्हें क्वालीफायर का कठिन रास्ता तय करना होगा। यहां उन्हें उभरती हुई मजबूत टीमों से भिड़ना पड़ेगा, जिससे वर्ल्ड कप में पहुंचना आसान नहीं होगा।
बॉर्डर पर खड़ी टीमें, खतरे में वेस्टइंडीज और बांग्लादेश
इस समय की रैंकिंग में बांग्लादेश और वेस्टइंडीज जैसी टीमों की स्थिति नाजुक बनी हुई है। दोनों टीमें टॉप-8 के बाहर हैं और एक खराब सीरीज उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका दे सकती है। अगर ये टीमें समय रहते टॉप-8 में नहीं पहुंचीं, तो उन्हें क्वालीफायर खेलना पड़ेगा, जहां प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी होगी।
क्वालीफायर से गुजरना होगा, फिर मिलेगा मौका
रैंकिंग के जरिए क्वालिफाई न करने वाली टीमों को पहले क्वालीफायर लीग-2 खेलनी होगी। यहां से टॉप-4 टीमें ग्लोबल क्वालीफायर में पहुंचेंगी, जहां उनका मुकाबला फुल मेंबर टीमों से होगा। इस प्रक्रिया के बाद ही वर्ल्ड कप के लिए अंतिम टीमें तय होंगी।
इन टीमों की स्थिति फिलहाल मजबूत
मौजूदा रैंकिंग के आधार पर भारत, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसी टीमें मजबूत स्थिति में हैं और उनका बाहर होना बेहद मुश्किल माना जा रहा है। पाकिस्तान और इंग्लैंड भी टॉप-8 में बने हुए हैं। वहीं मेजबान होने के कारण साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे की जगह पहले से ही सुनिश्चित है, उन्हें रैंकिंग की चिंता नहीं करनी होगी।