नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर की पहलगाम घाटी में हाल ही में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने एक बार फिर नियंत्रण रेखा (LOC) पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। बीती रात (5-6 मई) लगातार 13वीं रात थी जब पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामुला, पुंछ, राजौरी, मेंढर, नौशेरा, सुंदरबनी और अखनूर जैसे संवेदनशील इलाकों में बिना किसी उकसावे के गोलीबारी की। भारतीय सेना ने भी इस दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब दिया।
सेना को खुली छूट, देश में गुस्सा
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में आक्रोश का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले के बाद नई दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक की थी, जिसमें रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और तीनों सेनाओं के प्रमुख मौजूद थे। बैठक के दौरान पीएम ने सेना को पूरी छूट दी कि इस हमले का जवाब कब, कहां और कैसे देना है, यह वे खुद तय करें।
पाकिस्तान की ओर से डर के साये में फायरिंग?
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक पाकिस्तान इस समय भारत की जवाबी कार्रवाई को लेकर गहरे डर में है। यही वजह है कि वह एलओसी पर बार-बार फायरिंग कर रहा है, ताकि भारतीय सेना की प्रतिक्रिया को भांप सके या अपनी घबराहट छिपा सके। हालांकि, भारतीय सेना हर बार उसकी हरकतों का दो टूक और सटीक जवाब दे रही है।
आतंकी हमले में गई थीं 28 जानें
गौरतलब है कि पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है। केंद्र सरकार ने इसे पाकिस्तान प्रायोजित हमला करार दिया है, हालांकि पाकिस्तान ने इसमें अपनी भूमिका से इनकार किया है। लेकिन LOC पर लगातार हो रही गोलीबारी ने उसकी मंशा और स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।