Petrol-Diesel Price Today: एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती के बाद भी नहीं बदले दाम, जानें आपके शहर में क्या है रेट
केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती का ऐलान किया है, लेकिन इसके बावजूद आम लोगों को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे पंप पर कीमतें पहले जैसी ही बनी हुई हैं।
सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है, जबकि डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर की ड्यूटी को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। हालांकि, इस फैसले का सीधा फायदा अभी उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचा है।
कंपनियों को राहत देने के लिए उठाया गया कदम
सरकार का यह निर्णय मुख्य रूप से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के बाधित होने की स्थिति के चलते कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इससे तेल कंपनियों पर अंडर-रिकवरी का दबाव बढ़ गया है। एक्साइज ड्यूटी में कटौती से कंपनियों की लागत कम करने और बाजार के दबाव को संतुलित करने की कोशिश की गई है।
देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
देश के अलग-अलग महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें इस प्रकार हैं:
नई दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर है।
मुंबई में पेट्रोल 103.54 रुपये और डीजल 90.03 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
कोलकाता में पेट्रोल 105.45 रुपये और डीजल 92.02 रुपये प्रति लीटर है।
चेन्नई में पेट्रोल 100.84 रुपये और डीजल 92.39 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है।
बेंगलुरु में पेट्रोल 102.92 रुपये और डीजल 90.99 रुपये प्रति लीटर है।
हैदराबाद में पेट्रोल 107.46 रुपये और डीजल 95.7 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।
अहमदाबाद में पेट्रोल 94.29 रुपये और डीजल 89.95 रुपये प्रति लीटर है।
निजी कंपनियों की बढ़ोतरी से पहले ही बढ़ा दबाव
यह फैसला ऐसे समय आया है जब निजी क्षेत्र की कंपनी नायरा एनर्जी ने एक दिन पहले ही पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी थी। कंपनी के पंपों पर अब पेट्रोल 100.71 रुपये और डीजल 91.31 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जिससे बाजार में हलचल तेज हो गई है।
वैश्विक हालात का असर, सप्लाई पर दबाव
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान से जुड़े घटनाक्रम और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में बाधा के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता बढ़ी है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का करीब 88 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस का लगभग आधा हिस्सा आयात करता है, जिसमें इस मार्ग की अहम भूमिका है।
रेटिंग एजेंसी के अनुसार, यदि कच्चे तेल की कीमत 100 से 105 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचती है, तो तेल कंपनियों को पेट्रोल पर 11 रुपये और डीजल पर 14 रुपये प्रति लीटर तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे में सरकार का यह कदम बाजार को स्थिर रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
अभी राहत नहीं, आगे उम्मीद कायम
फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में कोई सीधी राहत नहीं है। हालांकि, आने वाले समय में यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर होती हैं, तो इसका फायदा आम लोगों तक पहुंच सकता है। फिलहाल बाजार और उपभोक्ताओं की नजरें वैश्विक हालात और तेल आपूर्ति पर टिकी हुई हैं।