दिल्ली में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की नई व्यवस्था लागू हो चुकी है। अब पिंक टिकट की जगह पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड से महिलाओं को राजधानी की डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त सफर का लाभ मिलेगा। पिछले 12 दिनों में राजधानी में एक लाख से अधिक महिलाओं ने यह स्मार्ट कार्ड बनवाया है।
डीटीसी ने स्पष्ट किया भ्रम
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इस कार्ड के जरिए एक घंटे के भीतर केवल एक ही मुफ्त यात्रा संभव है, लेकिन डीटीसी ने इसे खंडित किया है। पीआर मैनेजर राकेश ने बताया कि यह नियम केवल एक ही बस में एक घंटे के भीतर कार्ड के एक से अधिक बार इस्तेमाल को रोकने के लिए लागू किया गया है। दूसरी बस या रूट में इसका उपयोग बिना किसी रोक-टोक के किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “पिंक सहेली कार्ड की पूरी व्यवस्था पहले से जांची-परखी गई है और इसमें किसी तरह की खामी नहीं है। एक घंटे की सीमा केवल दुरुपयोग रोकने के लिए रखी गई है।”
कैसे काम करता है कार्ड
राकेश ने उदाहरण देते हुए समझाया कि अगर कोई महिला किसी बस में सवार होती है और कुछ स्टॉप के बाद उस बस से उतरकर दूसरी रूट की बस में जाती है, तो वह दूसरी बस में कार्ड का इस्तेमाल कर सकती है। डीटीसी ने बताया कि राजधानी में इस योजना के तहत 50 केंद्रों पर सहेली स्मार्ट कार्ड जारी किए जा रहे हैं।
पिंक टिकट भी अभी वैध
अभी महिलाएं पिंक टिकट से भी मुफ्त यात्रा कर सकती हैं। पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड और पिंक टिकट दोनों से यात्रा संभव है। पिंक टिकट योजना आम आदमी पार्टी के शासन में लागू की गई थी, लेकिन नई दिल्ली सरकार का कहना है कि पिंक टिकट के जरिए सरकारी खजाने का नुकसान हो रहा था, इसलिए पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड की व्यवस्था लागू की गई।