PM मार्क कार्नी की संभावित भारत यात्रा से पहले कूटनीतिक हलचल तेज, जयशंकर–अनीता आनंद की मुलाकात में सहयोग बढ़ाने पर जोर
नई दिल्ली में कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर और कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद की मुलाकात म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के दौरान हुई, जिसमें अगले महीने संभावित भारत दौरे पर आने वाले कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की यात्रा से पहले द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने पर चर्चा हुई। कनाडाई अधिकारियों के मुताबिक कार्नी 1 से 2 मार्च के बीच भारत आ सकते हैं।
सितंबर 2025 के बाद पांचवीं बैठक, बढ़ती कूटनीतिक रफ्तार
सितंबर 2025 के बाद दोनों विदेश मंत्रियों के बीच यह पांचवीं बैठक रही, जो भारत-कनाडा रिश्तों में बढ़ती सक्रियता का संकेत मानी जा रही है। बैठक में ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, व्यापार और निवेश जैसे अहम क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने के विकल्पों पर विचार हुआ।
जयशंकर बोले—संबंध लगातार आगे बढ़ रहे
विदेश मंत्री जयशंकर ने मुलाकात के बाद कहा कि कनाडा की विदेश मंत्री से बातचीत सकारात्मक रही और भारत-कनाडा संबंध निरंतर प्रगति कर रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में द्विपक्षीय सहयोग और मजबूत हो सकता है।
कनाडा ने भारत को बताया अहम साझेदार
अनीता आनंद ने भी बैठक को उपयोगी बताते हुए कहा कि भारत के साथ साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि कनाडा के लिए भारत एक महत्वपूर्ण साझेदार है और दोनों देशों के उद्योग, व्यवसाय और श्रमिकों के लिए तकनीकी व आर्थिक सहयोग के नए अवसर मौजूद हैं।
रचनात्मक सहयोग पर सहमति
कनाडाई विदेश मंत्री ने कहा कि उनका देश रचनात्मक सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है और भारत के साथ साझेदारी को आगे बढ़ाने के प्रयास जारी रखेगा। माना जा रहा है कि प्रस्तावित प्रधानमंत्री स्तर की यात्रा से दोनों देशों के संबंधों में नई गति आ सकती है।