असंख्य रामभक्तों के 5 सदियों के संघर्ष को PM मोदी ने किया याद, जानें राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर क्या कहा?
नई दिल्ली: अयोध्या में रामलला मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के लिए संदेश लिखा है, जिसमें 5 सदियों के संघर्ष की गूंज है। उनके पोस्ट में उस भारत की तस्वीर भी झलकती है, जहां संस्कार, आस्था और आत्मनिर्भरता एक-दूसरे से जुड़ते नजर आते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए पोस्ट में पीएम मोदी ने ये भी कामना की कि हर भारतवासी के दिल में समर्पण और करुणा की भावना बढ़े।
भगवान श्रीराम को PM मोदी ने किया नमन
पीएम मोदी ने पोस्ट किया, ‘अयोध्या जी की पावन धरा पर आज रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ मनाई जा रही है। ये वर्षगांठ हमारी आस्था और संस्कारों का एक दिव्य उत्सव है। इस पावन-पुनीत अवसर पर देश-विदेश के सभी रामभक्तों की ओर से प्रभु श्री राम के चरणों में मेरा कोटि-कोटि नमन और वंदन! समस्त देशवासियों को मेरी अनंत शुभकामनाएं।’
असंख्य रामभक्तों का सपना हुआ साकार
अपने अगले पोस्ट में प्रधानमंत्री ने लिखा, ‘भगवान श्री राम की असीम कृपा और आशीर्वाद से असंख्य रामभक्तों का पांच सदियों का संकल्प साकार हुआ है। आज रामलला अपने भव्य धाम में पुन: विराजित हैं और इस वर्ष अयोध्या की धर्म ध्वजा, रामलला की प्रतिष्ठा द्वादशी की साक्षी बन रही है। ये मेरा सौभाग्य है कि पिछले महीने मुझे इस ध्वजा की पुण्य स्थापना का सुअवसर मिला।’

हर देशवासी के दिल में हो सेवा की भावना
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे लिखा, ‘मेरी कामना है कि मर्यादा पुरुषोत्तम की प्रेरणा हर देशवासी के हृदय में सेवा, समर्पण और करुणा की भावना को और प्रगाढ़ करे, जो समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का सशक्त आधार भी बने। जय सियाराम!’
कब हुई थी प्राण प्रतिष्ठा?
गौरतलब है कि अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 2 साल पहले 22 जनवरी 2024 को संपन्न हुई थी। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में पीएम मोदी मुख्य यजमान के तौर पर शामिल हुए थे, और उसी दिन रामलला अपने भव्य मंदिर के गर्भगृह में विराजित हुए थे।