पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी की ईरानी राष्ट्रपति से बातचीत, कहा- तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति जरूरी

0 60

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार रात ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और बढ़ते तनाव पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने नागरिकों की जान जाने और असैन्य बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान कहा कि भारत के लिए भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही उन्होंने सामान और ईंधन के निर्बाध परिवहन को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया, क्योंकि यह वैश्विक और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक है।

सोशल मीडिया पोस्ट में जताई चिंता
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति से क्षेत्र में पैदा हुई गंभीर स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बढ़ते तनाव, आम नागरिकों की मौत और नागरिक ढांचे को हुए नुकसान को लेकर भारत गहरी चिंता व्यक्त करता है।

प्रधानमंत्री ने इस मौके पर शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई और सभी पक्षों से संवाद और कूटनीति के माध्यम से संकट का समाधान निकालने का आग्रह किया।

ईरान ने साझा किया अपना दृष्टिकोण
आधिकारिक बयान के अनुसार बातचीत के दौरान ईरान के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने देश की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया और हाल के घटनाक्रम पर ईरान का दृष्टिकोण साझा किया। दोनों नेताओं ने भविष्य में भी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी चिंता
हालात उस समय और गंभीर हो गए जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया। यह वही महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है जिसके जरिए भारत के ऊर्जा आयात का बड़ा हिस्सा आता है। बताया गया कि हाल ही में भारत आ रहे एक तेल टैंकर पर ईरानी सेना ने उस समय गोलीबारी की जब वह इस जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहा था।

पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव का असर
पिछले महीने अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए समन्वित हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके जवाब में ईरान ने इज़राइल और खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इन हमलों के दायरे में दुबई और दोहा जैसे प्रमुख वैश्विक व्यापार और विमानन केंद्र भी आए।

खाड़ी देशों के नेताओं से भी कर चुके हैं बातचीत
पिछले दस दिनों के भीतर प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र के कई देशों के नेताओं से भी बातचीत की है। इनमें ओमान, कुवैत, बहरीन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, इज़राइल और कतर के नेता शामिल हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय तनाव पर चिंता जताते हुए कुछ देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा की।

साथ ही इन देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। खाड़ी और पश्चिम एशिया के देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं। इनमें लगभग 10 हजार भारतीय नागरिक ईरान में और 40 हजार से अधिक इज़राइल में रह रहे हैं।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.