सिलचर में पीएम मोदी का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले— वैश्विक युद्ध के असर से देश को बचा रही सरकार, विपक्ष फैला रहा डर
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को असम के सिलचर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि दुनिया में जारी संघर्षों के बीच केंद्र सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि उनका असर देश की जनता पर कम से कम पड़े। वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस संवेदनशील समय में जिम्मेदार व्यवहार करने के बजाय लोगों में दहशत फैलाने की कोशिश कर रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्ध और तनाव के बावजूद सरकार का प्रयास है कि देश की अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों पर इसका नकारात्मक प्रभाव न पड़े। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में विपक्ष को जिम्मेदार राजनीतिक दल की तरह व्यवहार करना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस ऐसा करने में असफल रही है।
पूर्वोत्तर की अनदेखी का लगाया आरोप
प्रधानमंत्री मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लंबे समय तक पूर्वोत्तर क्षेत्र की अनदेखी की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के समय ऐसी सीमा रेखा तय होने दी गई, जिसके कारण बराक घाटी का समुद्री मार्ग से संपर्क टूट गया। उनके अनुसार इस फैसले का क्षेत्र के व्यापार और आर्थिक गतिविधियों पर गहरा असर पड़ा।
उन्होंने कहा कि बराक घाटी कभी व्यापार और वाणिज्य का महत्वपूर्ण केंद्र हुआ करती थी, लेकिन समय के साथ यह अपनी ताकत खो बैठी। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की नीतियों के कारण यह क्षेत्र विकास से वंचित रहा।
दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद नहीं हुआ विकास
प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद कई दशकों तक कांग्रेस सरकारें सत्ता में रहीं, लेकिन इसके बावजूद बराक घाटी और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपेक्षित विकास नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि अब भाजपा सरकार इस स्थिति को बदलने के लिए लगातार काम कर रही है और क्षेत्र में विकास को नई गति दी जा रही है।
युवाओं को अवसर देने का दावा
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसकी नीतियों ने राज्य के युवाओं को हिंसा और उग्रवाद के रास्ते की ओर धकेल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार का प्रयास है कि युवाओं को शिक्षा, रोजगार और विकास के नए अवसर मिलें।
उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस सोचने तक सीमित रह जाती है, वहीं भाजपा काम करके दिखाती है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का मूल मंत्र है कि विकास की दौड़ में पीछे रह गए लोगों को प्राथमिकता दी जाए और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया जाए।