लखनऊ में महाराज सुहेलदेव को लेकर दिए गए एक विवादित बयान ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए साफ कहा है कि यदि बयान देने वाले नेता ने माफी नहीं मांगी तो पूरे प्रदेश में आंदोलन छेड़ा जाएगा।
विवादित पोस्ट से बढ़ा विवाद
दरअसल, एक बयान के जवाब में प्रदेश स्तर के एक नेता ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि राजा सुहेलदेव का भारत के निर्माण या आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं था। इस टिप्पणी के सामने आते ही राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
ओपी राजभर का सख्त रुख
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए ओमप्रकाश राजभर ने इसे आपत्तिजनक और अस्वीकार्य बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द माफी नहीं मांगी गई, तो सुभासपा प्रदेशभर में आंदोलन करने को मजबूर होगी। उन्होंने इसे समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बयान करार दिया।
अन्य दलों की चुप्पी पर भी सवाल
राजभर ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि बड़े नेता इस बयान का विरोध नहीं करते हैं, तो यह माना जाएगा कि वे भी महाराज सुहेलदेव के योगदान को नहीं मानते। उन्होंने कहा कि इस तरह की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
रणनीति के तहत बयान का आरोप
उन्होंने आगे कहा कि यह बयान सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। बहराइच में 10 जून से शुरू होने वाले मेले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब वहां देश के वीरों के सम्मान में आयोजन किया जाता है और महाराज सुहेलदेव का मेला लगने जा रहा है।
वीरों के सम्मान का संदेश
राजभर ने कहा कि प्रदेश में वीरों के सम्मान को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा स्थापित स्मारक और पार्क इस बात का प्रमाण हैं कि यह भूमि वीरों की है और यहां उनका ही सम्मान होगा।