नोएडा को ग्लोबल एक्सपोर्ट हब बनाने की तैयारी तेज! डीएम की बैठक में निर्यातकों ने उठाईं बड़ी समस्याएं, त्वरित समाधान के निर्देश
गौतमबुद्धनगर: जनपद को “डिस्ट्रिक्ट ऐज एक्सपोर्ट हब” योजना के तहत और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्यात संवर्धन, उद्योगों की चुनौतियों और निर्यात प्रक्रिया को सरल बनाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें निर्यातकों, उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान उप महानिदेशक विदेश व्यापार हेमंत कुमार ने विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की वर्तमान और प्रस्तावित पहलों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए संचालित योजनाओं, प्रक्रियाओं के सरलीकरण और व्यापारिक सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि गौतमबुद्धनगर उत्तर प्रदेश के निर्यात मानचित्र पर अग्रणी जनपदों में शामिल है और प्रदेश के कुल निर्यात में इसकी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है।
निर्यातकों ने रखीं जमीनी स्तर की चुनौतियां
बैठक में एचएचईडब्ल्यूए एसोसिएशन के अध्यक्ष सी.पी. शर्मा ने निर्यातकों के सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने डीजीएफटी, कस्टम विभाग और एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (ईसीजीसी) से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
उद्योग प्रतिनिधियों ने बताया कि एडवांस ऑथराइजेशन और ईपीसीजी लाइसेंस के संशोधन एवं क्लोजर की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी हो रही है, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा इंपोर्टर एक्सपोर्टर कोड (आईईसी) प्रोफाइल और डिजिटल सिग्नेचर के अद्यतन में भी तकनीकी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
कस्टम प्रक्रियाओं में देरी बनी चिंता का विषय
बैठक में कस्टम विभाग से संबंधित समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। निर्यातकों ने बताया कि इनलैंड कंटेनर डिपो (आईसीडी) पर माल की जांच प्रक्रिया में अत्यधिक समय लग रहा है। साथ ही वैल्यूएशन और क्लासिफिकेशन से जुड़े मामलों में बार-बार पूछताछ, आईजीएसटी रिफंड के निस्तारण में देरी और कस्टम अधिकारियों एवं निर्यातकों के बीच अपेक्षित समन्वय का अभाव भी प्रमुख चुनौतियों के रूप में सामने आया।
डीएम ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी ने बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि निर्यातकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद को एक सशक्त और प्रतिस्पर्धी निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी ढंग से कार्य करना होगा।
डीजीएफटी ने सहयोग का दिया भरोसा
उप महानिदेशक विदेश व्यापार हेमंत कुमार ने निर्यातकों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए आश्वासन दिया कि संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई और समाधान के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। वहीं उपायुक्त उद्योग एवं सदस्य सचिव पंकज निर्वाण ने निर्यात वृद्धि के लिए विभागीय समन्वय और आगामी कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक में प्रमुख निर्यातकों और उद्योग प्रतिनिधियों में भारत दीप, अनिल अग्रवाल, अनभय साध, पी.के. कपूर, शशि नांगिया सहित अन्य उद्यमी भी मौजूद रहे और उन्होंने जनपद में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अपने सुझाव साझा किए।