नई दिल्ली: गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों, खासकर महाराष्ट्र और गोवा के लोगों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस पर्व को सत्य की विजय, नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि गुड़ी पड़वा केवल नववर्ष का आरंभ नहीं, बल्कि आशा, उत्साह और नवचेतना का पर्व है। उन्होंने सभी नागरिकों के सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए इस अवसर को जीवन में नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा बताया।
‘आत्मनिर्भर भारत के साथ और बढ़ेगी पर्व की प्रासंगिकता’
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जैसे-जैसे भारत प्रगति और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे गुड़ी पड़वा का महत्व और अधिक बढ़ता जा रहा है। यह पर्व हमें चुनौतियों के बीच भी सकारात्मक सोच और दृढ़ता बनाए रखने की सीख देता है।
गुड़ी का महत्व: विजय और समृद्धि का प्रतीक
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने गुड़ी के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि घरों के बाहर फहराई जाने वाली गुड़ी विजय, समृद्धि और आशावाद का प्रतीक होती है, जो जीवन में नई ऊर्जा और विश्वास का संचार करती है।
सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का पर्व
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गुड़ी पड़वा का गहरा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व है, जो भारतीय परंपरा की समृद्धि को दर्शाता है। यह पर्व समाज को एकजुट करने और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करता है।
नए संकल्प के साथ आगे बढ़ने की अपील
प्रधानमंत्री ने सभी से आह्वान किया कि वे इस पर्व की भावना को पूरे वर्ष बनाए रखें और नए उत्साह व उद्देश्य के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह नववर्ष सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य लेकर आए।