डिफेंस शेयरों में मुनाफावसूली का झटका: HAL, BEL, BDL समेत बड़े स्टॉक्स लाल निशान में, जानिए क्या है गिरावट की असली वजह
भारतीय शेयर बाजार में हालिया कमजोरी के बीच 24 फरवरी को डिफेंस सेक्टर पर दबाव साफ नजर आया। बड़े नामों में शामिल Hindustan Aeronautics Limited (HAL), Bharat Electronics Limited (BEL), Bharat Dynamics Limited (BDL), Cochin Shipyard Limited, Mazagon Dock Shipbuilders Limited और Paras Defence and Space Technologies जैसे दिग्गज शेयर तेज करेक्शन के साथ ट्रेड करते दिखे। हफ्ते की शुरुआत सतर्कता और प्रॉफिट-बुकिंग के माहौल में हुई, जिसे तेजस जेट से जुड़ी खबरों ने और बढ़ा दिया।
24 फरवरी को डिफेंस स्टॉक्स का प्रदर्शन
सोमवार को डिफेंस शेयरों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला, लेकिन बढ़त बेहद सीमित रही। लार्ज-कैप डिफेंस कंपनियां दबाव में रहीं। HAL करीब 1.3% फिसला, जबकि BEL में 1.6% और BDL में 2.12% की गिरावट दर्ज की गई। कोचीन शिपयार्ड लगभग 1% नीचे रहा। Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE) में 1.4% और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स में 1.3% की कमजोरी देखी गई। पारस डिफेंस भी करीब 1% टूट गया।
हालांकि, कुछ मिड और स्मॉल-कैप शेयरों में खरीदारी बनी रही। Premier Explosives Limited में 2.6% की तेजी रही। Data Patterns India Limited 1.60% चढ़ा। MTAR Technologies Limited, Bharat Forge Limited, Apollo Micro Systems Limited और Avantel Limited में फ्लैट से लेकर करीब 0.5% तक की सीमित बढ़त दर्ज की गई।
डिफेंस शेयरों पर दबाव की वजह क्या है?
चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के डिफेंस एनालिस्ट पुट्टा रवि कुमार के मुताबिक, मौजूदा गिरावट फंडामेंटल बदलाव से ज्यादा सेंटीमेंट-ड्रिवन नजर आती है। उनका कहना है कि HAL के तेजस से जुड़ी हालिया घटना ने निवेशकों में शॉर्ट-टर्म रिस्क से बचने की प्रवृत्ति को बढ़ाया है, जिसके चलते डिफेंस शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।
तेजस जेट से जुड़ी घटनाओं ने बढ़ाई हलचल
HAL स्वदेशी तेजस फाइटर जेट बनाने वाली प्रमुख कंपनी है। पिछले साल नवंबर में दुबई एयर शो के दौरान स्वदेशी मल्टी-रोल लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस के क्रैश की घटना में इंडियन एयर फोर्स (IAF) के एक पायलट की जान चली गई थी। इस घटना के बाद तेजस की गुणवत्ता और प्रदर्शन को लेकर सवाल जरूर उठे, लेकिन इससे उसकी विश्वसनीयता पर निर्णायक असर नहीं पड़ा।
हालांकि 22 फरवरी 2026 तक स्थिति सामान्य मानी जा रही थी, तभी एक और तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट के एयरफ्रेम को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई। PTI के सूत्रों के अनुसार, इस घटना में पायलट सुरक्षित इजेक्ट हो गया। खबर सामने आते ही 23 फरवरी को HAL के शेयर में 3% या उससे ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी ने बाद में आधिकारिक सफाई जारी की।
HAL की सफाई: क्रैश नहीं, जमीन पर तकनीकी घटना
23 फरवरी को रेगुलेटरी फाइलिंग में HAL ने स्पष्ट किया कि LCA तेजस के क्रैश की कोई घटना नहीं हुई है। कंपनी के मुताबिक, जिस घटना की चर्चा हो रही है वह जमीन पर हुई एक छोटी तकनीकी घटना थी। HAL ने यह भी कहा कि LCA तेजस का सेफ्टी रिकॉर्ड दुनिया के आधुनिक फाइटर एयरक्राफ्ट्स में बेहतरीन में से एक है। साथ ही, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के तहत मामले का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है और समाधान के लिए कंपनी इंडियन एयर फोर्स के साथ मिलकर काम कर रही है।
डिफेंस सेक्टर का आउटलुक क्या कहता है?
चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का मानना है कि एक अकेली ऑपरेशनल घटना से सेक्टर की स्ट्रक्चरल डिमांड, एग्जीक्यूशन पाइपलाइन या ऑर्डर विजिबिलिटी पर कोई दीर्घकालिक असर नहीं पड़ता। उनके मुताबिक मौजूदा कमजोरी टेक्निकल और सेंटीमेंट आधारित है।
वहीं जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स का कहना है कि हाल के दिनों में एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग, एवियोनिक्स, रडार मॉड्यूल, UAVs और संबंधित टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियां चर्चा में रही हैं। HAL, BEL और भारत फोर्ज जैसे शेयरों में हालिया तेजी के दौरान डिलीवरी वॉल्यूम अपने मुख्य औसत से लगभग 100% ऊपर पहुंच गया।
तकनीकी संकेतकों की बात करें तो निफ्टी डिफेंस इंडेक्स के अधिकांश शेयरों का औसत RSI 50 से नीचे बना हुआ है। हालांकि HAL, BEL और भारत फोर्ज का RSI करीब 60 के आसपास है, जो तुलनात्मक मजबूती का संकेत देता है। शिपबिल्डिंग सेगमेंट में शुरुआती सुधार के संकेत दिखे हैं, लेकिन मजबूत तेजी के लिए व्यापक भागीदारी की जरूरत बताई जा रही है।
आनंद जेम्स के मुताबिक रणनीति साफ है—HAL, BEL और भारत फोर्ज जैसे मजबूत शेयरों पर नजर बनाए रखते हुए, मझगांव डॉक, GRSE और कोचीन शिपयार्ड में उभरते अवसरों पर फोकस रखा जाएगा।