भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद पीटी उषा को गहरा व्यक्तिगत आघात लगा है। उनके पति वी. श्रीनिवासन का शुक्रवार को निधन हो गया। वह 67 वर्ष के थे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, श्रीनिवासन शुक्रवार तड़के अपने आवास पर अचानक बेहोश हो गए, जिसके बाद उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचाने में सफल नहीं हो सके।
अचानक तबीयत बिगड़ने से हुआ निधन
बताया जा रहा है कि श्रीनिवासन की तबीयत सुबह अचानक बिगड़ी और वह घर पर ही अचेत होकर गिर पड़े। स्थिति गंभीर होने पर परिजन उन्हें फौरन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। इस खबर से खेल और राजनीतिक जगत में शोक की लहर फैल गई।
सीआईएसएफ में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट के पद से हुए थे रिटायर
वी. श्रीनिवासन पोंनानी के वेंगली थरवाड़ के निवासी थे। वह केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट के पद पर कार्यरत रहे और सेवानिवृत्ति के बाद सार्वजनिक जीवन से दूर रहते थे। उन्होंने वर्ष 1991 में पीटी उषा से विवाह किया था।
पीएम मोदी समेत कई दिग्गजों ने जताया दुख
श्रीनिवासन के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीटी उषा से फोन पर बातचीत कर गहरी संवेदना व्यक्त की। इसके अलावा केंद्रीय खेल मंत्री, भारतीय ओलंपिक संघ के अधिकारियों और कई पूर्व एथलीटों ने भी इस दुखद घटना पर शोक प्रकट किया है। सभी ने पीटी उषा और उनके परिवार को इस कठिन समय में संबल देने की कामना की।
हर सफर में पीटी उषा का बने रहे मजबूत सहारा
केंद्र सरकार के पूर्व कर्मचारी रहे श्रीनिवासन, पीटी उषा के शानदार खेल करियर से लेकर उनके सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन तक, हर दौर में उनके साथ मजबूती से खड़े रहे। उन्हें उषा की कई पेशेवर उपलब्धियों के पीछे एक प्रेरक शक्ति और मजबूत संबल के रूप में देखा जाता था। इस दंपति का एक बेटा है, जिसका नाम उज्ज्वल है।
घटना के वक्त संसद सत्र में थीं पीटी उषा
परिजनों के अनुसार, घटना के समय पीटी उषा दिल्ली में संसद सत्र में भाग ले रही थीं और घर पर मौजूद नहीं थीं। श्रीनिवासन के निधन की सूचना मिलने के बाद पार्टी और खेल जगत के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनसे संपर्क कर संवेदना जताई।
भारतीय एथलेटिक्स की ‘गोल्डन गर्ल’ हैं पीटी उषा
पीटी उषा भारतीय एथलेटिक्स की महानतम धावकों में गिनी जाती हैं। उन्हें ‘पय्योली एक्सप्रेस’ और ‘गोल्डन गर्ल’ के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने एशियाई खेलों और एशियाई चैंपियनशिप में कई स्वर्ण पदक जीते हैं। 1984 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में 400 मीटर बाधा दौड़ में वह महज 1/100 सेकंड से कांस्य पदक से चूककर चौथे स्थान पर रही थीं।