Punjab Weather: मार्च में ही अप्रैल जैसी गर्मी, 33°C तक पहुंचा तापमान; जानिए आज कैसा रहेगा पंजाब का मौसम

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फाजिल्का। पंजाब में इस साल मार्च की शुरुआत ही तेज गर्मी के साथ हुई है। हालात ऐसे हैं कि मौसम अप्रैल जैसा महसूस होने लगा है। पहली बार मार्च के पहले सप्ताह में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। दोपहर के समय तेज धूप और उमस के कारण लोगों को गर्मी का अहसास हो रहा है, हालांकि रात के समय हल्की ठंडक अभी भी बनी हुई है।

मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं है। ऐसे में आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी होने के संकेत हैं।

जनवरी-फरवरी में नहीं हुई बारिश, इसलिए बढ़ी गर्मी

फाजिल्का जिले में इस बार जनवरी और फरवरी के महीने पूरी तरह सूखे रहे। सामान्य तौर पर इन महीनों में चार से पांच बार अच्छी बारिश हो जाती है, जिससे वातावरण में नमी बनी रहती है और ठंडक भी लंबे समय तक रहती है। लेकिन इस साल दोनों महीनों में एक बार भी बारिश नहीं हुई।

इसी कारण तापमान लगातार बढ़ता गया और मार्च के शुरुआती दिनों में ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। होली के दिन भी लोगों को सामान्य से ज्यादा गर्मी का सामना करना पड़ा। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है।

दिन-ब-दिन बढ़ता गया तापमान

मार्च के पहले नौ दिनों में तापमान लगातार बढ़ता रहा। 1 मार्च को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस था, जो 9 मार्च तक बढ़कर 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसी अवधि में न्यूनतम तापमान भी 12 डिग्री से बढ़कर 18 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया।

दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा, सुबह-शाम ही निकल रहे लोग

बढ़ती गर्मी का असर जनजीवन पर भी साफ दिखाई दे रहा है। कई दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक अब सुबह या शाम के समय ही बाजार में आ रहे हैं, जबकि दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा नजर आता है।

लोग तेज धूप से बचने के लिए चेहरे ढककर और पानी की बोतल साथ लेकर बाहर निकल रहे हैं। खासकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को अधिक परेशानी हो रही है। तेज धूप में थकान और चक्कर आने की शिकायतें भी बढ़ रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने दी सावधानी बरतने की सलाह

तेजी से बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. एरिक के मुताबिक दोपहर में तेज धूप के कारण डिहाइड्रेशन, सिरदर्द, चक्कर और थकान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर एक से शाम चार बजे के बीच धूप में कम निकलें। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को ढककर रखें और धूप का चश्मा पहनें। साथ ही दिनभर में कम से कम आठ से दस गिलास पानी पीने की सलाह दी गई है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

गर्मी का असर किसानों और पशुओं पर भी

लगातार बढ़ रही गर्मी का असर किसानों पर भी पड़ने लगा है। खेतों में गेहूं की फसल पर तापमान का प्रभाव साफ नजर आ रहा है। किसानों का कहना है कि तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण खेतों की नमी तेजी से कम हो रही है, जिससे फसल को बार-बार पानी देना पड़ रहा है।

पशुपालकों के अनुसार पशुओं पर भी गर्मी का असर दिखाई देने लगा है। दिन में पशु चारा कम खा रहे हैं, इसलिए उनके लिए ठंडे पानी और छाया की व्यवस्था करनी पड़ रही है। यदि आने वाले दिनों में तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो फसलों की पैदावार पर असर पड़ सकता है।

किसानों को हल्की सिंचाई की सलाह

कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि फसलों को तेज धूप से बचाने के लिए नियमित अंतराल पर हल्की सिंचाई करते रहें, ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे। अधिकारियों के मुताबिक तेज धूप और गर्म हवा के कारण खेत तेजी से सूखते हैं, जिससे गेहूं के दाने भरने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

साथ ही किसानों को यह भी सलाह दी गई है कि खेतों में अनावश्यक पानी जमा न होने दें और पशुओं के लिए पर्याप्त छाया व ठंडे पानी की व्यवस्था करें।

 

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