राहुल गांधी का सरकार पर बड़ा हमला, बोले— अपने स्वार्थ के लिए भारतीय कृषि को कुर्बान करने को भी तैयार

0 23

नई दिल्ली: नेता विपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर किसानों के मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने स्वार्थ के लिए भारतीय कृषि को भी नुकसान पहुंचाने को तैयार है। राहुल गांधी ने कहा कि किसानों के अधिकार और न्यूनतम समर्थन मूल्य की रक्षा के लिए वह संसद के भीतर और बाहर लगातार आवाज उठाते रहेंगे।

राहुल गांधी ने लोकसभा में पूछे गए अपने एक लिखित प्रश्न और उस पर सरकार के जवाब का हवाला देते हुए यह आरोप लगाया। उन्होंने अपने अतारांकित प्रश्न और सरकार के उत्तर की प्रति साझा करते हुए फेसबुक पर लिखा कि उन्होंने सदन में सरकार से सीधा सवाल पूछा था कि वर्ष 2021 में किसानों से किया गया ‘सी2+50 प्रतिशत’ कानूनी एमएसपी लागू करने का वादा अब तक क्यों पूरा नहीं हुआ।

सरकार ने सीधे जवाब से बचने का लगाया आरोप

राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने उनके सवाल का सीधा जवाब देने के बजाय अपनी पुरानी एमएसपी नीति को ही दोहरा दिया। उनके मुताबिक सरकार ने यह भी स्वीकार किया है कि उसने राज्यों पर एमएसपी बोनस समाप्त करने के लिए दबाव बनाया था और इसे “राष्ट्रीय प्राथमिकताओं” के नाम पर उचित ठहराया गया।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अमेरिका के साथ संभावित व्यापार समझौते में “गैर व्यापारिक अवरोध” कम करने की बात कही जा रही है। राहुल गांधी ने पूछा कि क्या इसका मतलब एमएसपी और सरकारी खरीद व्यवस्था को कमजोर करना है। उनका कहना है कि सरकार इस सवाल से भी बच रही है।

किसानों से किया वादा निभाने से पीछे हट रही सरकार: राहुल

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार किसानों से किए गए वादों को पूरा नहीं करना चाहती। उन्होंने कहा कि सरकार अपने हितों के लिए भारतीय कृषि व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचाने के लिए तैयार दिखाई दे रही है। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस किसानों के अधिकारों और एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर लगातार आवाज उठाती रहेगी।

लोकसभा में पूछा गया था लिखित सवाल

रायबरेली से लोकसभा सदस्य राहुल गांधी ने 10 मार्च को एक लिखित प्रश्न के जरिए सरकार से पूछा था कि क्या वर्ष 2021 में आंदोलन कर रहे किसानों से यह वादा किया गया था कि सभी फसलों के लिए ‘सी2+50 प्रतिशत’ की दर से विधिक गारंटी वाला न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने पर विचार किया जाएगा।

इस सवाल के जवाब में कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा था कि हर साल सरकार राज्य सरकारों और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों से मिले सुझावों पर विचार करती है। इसके बाद कृषि लागत एवं मूल्य आयोग की सिफारिशों के आधार पर पूरे देश में 22 अधिदेशित कृषि फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जाता है।

सरकार ने एमएसपी नीति पर दिया यह जवाब

कृषि राज्य मंत्री ने यह भी बताया कि वर्ष 2018-19 के केंद्रीय बजट में यह सिद्धांत घोषित किया गया था कि एमएसपी को उत्पादन लागत के कम से कम डेढ़ गुना स्तर पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी नीति के तहत वर्ष 2018-19 से सरकार ने उत्पादन की औसत लागत पर कम से कम 50 प्रतिशत रिटर्न सुनिश्चित करते हुए खरीफ, रबी और अन्य वाणिज्यिक फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी की है, जिससे देशभर के किसानों को लाभ हुआ है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.