नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय (Mukul Roy) को पश्चिम बंगाल विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराया गया था। मुकुल रॉय पर भाजपा छोड़कर तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल होने के बाद दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई की गई थी।

गौरतलब है कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने पहली बार अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए दल-बदल विरोधी कानून के तहत किसी निर्वाचित विधायक को सीधे अयोग्य घोषित किया था। हाईकोर्ट ने माना था कि मुकुल रॉय का पार्टी बदलना दसवीं अनुसूची का उल्लंघन है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से फिलहाल मुकुल रॉय की विधानसभा सदस्यता पर राहत मिल गई है और मामले का अंतिम फैसला शीर्ष अदालत की आगे की सुनवाई के बाद होगा।