हमीरपुर नाव हादसे में 18 घंटे बाद खत्म हुआ मौत का रेस्क्यू ऑपरेशन, यमुना नदी से बरामद हुए सभी 6 शव, गांव में पसरा मातम

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उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में यमुना नदी में नाव पलटने से हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। बुधवार शाम शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन करीब 18 घंटे बाद गुरुवार को पूरा हुआ, जब नदी में लापता सभी 6 लोगों के शव बरामद कर लिए गए। लगातार बारिश, तेज बहाव और खराब परिस्थितियों के बीच एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और फ्लड पीएसी की टीमों ने संयुक्त अभियान चलाकर शवों को नदी से बाहर निकाला।

हादसे के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। घाट किनारे देर तक बैठे परिजन अपनों के सकुशल लौटने की उम्मीद लगाए रहे, लेकिन नदी ने आखिरकार सिर्फ शव ही लौटाए। बच्चों और महिलाओं के शव बाहर निकलते ही घाट पर चीख-पुकार और मातम का माहौल छा गया।

नाव में सवार थे 9 लोग, 3 की बची जान

जानकारी के मुताबिक बुधवार शाम एक नाव यमुना नदी पार कर रही थी, जिसमें 8 बच्चों समेत कुल 9 लोग सवार थे। इसी दौरान नाव असंतुलित होकर नदी में पलट गई। हादसे के वक्त नाविक ने किसी तरह तीन लोगों की जान बचा ली, लेकिन एक महिला और छह बच्चे नदी में डूब गए।

बताया जा रहा है कि राजू निषाद की बेटी अंजली की शादी के बाद परिवार के लोग नाव से यमुना पार तरबूज खाने गए थे। वापस लौटते समय नाव हादसे का शिकार हो गई।

करीब 100 जवानों ने चलाया संयुक्त सर्च अभियान

रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एनडीआरएफ की चार टीमें, एसडीआरएफ की दो टीमें और फ्लड पीएसी की एक टीम को लगाया गया था। करीब 100 जवानों ने लगातार 18 घंटे तक नदी में सर्च अभियान चलाया। टीमों ने जाल डालकर और लगभग आठ किलोमीटर तक नदी में तलाशी अभियान चलाकर सभी शवों को बरामद किया।

हादसे में जान गंवाने वालों में 25 वर्षीय ब्रजरानी, 14 वर्षीय अर्चना, 12 वर्षीय आकांक्षा, मौसेरा भाई लाव्यांश, 9 वर्षीय रानी और आदित्य शामिल हैं।

घाट किनारे टूटती रही परिजनों की उम्मीद

घटना के बाद से ही परिजन घाट किनारे बैठे अपने बच्चों और रिश्तेदारों के सुरक्षित मिलने की दुआ करते रहे। बच्चों के माता-पिता पथराई आंखों से रेस्क्यू टीमों को नदी में तलाश करते देखते रहे। उन्हें आखिरी समय तक अपने मासूमों के जिंदा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन जैसे-जैसे शव बरामद होते गए, वैसे-वैसे उम्मीदें भी टूटती चली गईं।

सभी शव मिलने के बाद घाट किनारे मौजूद परिजन फूट-फूटकर रो पड़े। पूरे गांव में सन्नाटा और शोक का माहौल बना हुआ है।

साध्वी निरंजन ज्योति ने परिजनों को बंधाया ढांढस

घटना की जानकारी मिलते ही राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग की अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति मौके पर पहुंचीं। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और प्रशासन को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इस दौरान मृतकों के परिजनों को 4.25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई।

एडीजी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

प्रयागराज जोन के एडीजी ज्योति नारायण ने भी घटनास्थल का दौरा कर पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने और राहत कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।

फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

 

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