भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच लू लगना एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन सकती है। तापमान बढ़ने के साथ शरीर की सहनशीलता कम होने लगती है और अगर समय रहते सावधानी न बरती जाए, तो स्थिति खतरनाक हो सकती है। खासकर बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और लंबे समय तक धूप में रहने वाले लोग इसके ज्यादा जोखिम में रहते हैं।
अक्सर देखा जाता है कि लोग लू लगने से पहले दिखने वाले संकेतों को हल्के में ले लेते हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो जाती है। शरीर पहले ही कुछ चेतावनी संकेत देता है, जिन्हें पहचानना बेहद जरूरी है।
लू लगने से पहले दिखते हैं ये 3 प्रमुख लक्षण
पहला लक्षण है तेज सिरदर्द और चक्कर आना। यह संकेत देता है कि शरीर का तापमान तेजी से बढ़ रहा है और दिमाग पर उसका असर पड़ने लगा है।
दूसरा, अत्यधिक कमजोरी और थकान महसूस होना। ऐसे में व्यक्ति को सामान्य काम करने में भी परेशानी होती है और शरीर सुस्त पड़ जाता है।
तीसरा, पसीने में असामान्य बदलाव। कई मामलों में बहुत ज्यादा पसीना आता है, जबकि कुछ स्थितियों में अचानक पसीना आना बंद हो सकता है। यह इस बात का संकेत है कि शरीर तापमान को नियंत्रित करने में असफल हो रहा है।
इनके अलावा बेचैनी, घबराहट, मुंह सूखना, ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत और हल्का बुखार जैसे लक्षण भी नजर आ सकते हैं। अगर इन संकेतों को नजरअंदाज किया जाए, तो स्थिति गंभीर रूप ले सकती है।
लू से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय
गर्मी से बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि तेज धूप, खासकर दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो सिर को ढककर रखें और हल्के, ढीले तथा सूती कपड़े पहनें।
शरीर को हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और नारियल पानी, छाछ व नींबू पानी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करें। लंबे समय तक धूप में रहने से बचें और बीच-बीच में छांव में आराम जरूर करें।
दिनचर्या और खानपान का रखें खास ध्यान
गर्मी के मौसम में हल्का, ताजा और पौष्टिक भोजन करना चाहिए। ज्यादा तला-भुना खाना शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है, इसलिए इससे बचना बेहतर है। घर के वातावरण को ठंडा रखें और बंद व गर्म जगहों में ज्यादा देर तक न रहें।
अगर शरीर में किसी भी तरह का असामान्य बदलाव महसूस हो, तो उसे नजरअंदाज न करें। समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, ताकि गंभीर स्थिति से बचा जा सके।