रोज डे 2026: सिर्फ गुलाब नहीं, उसके कांटों से भी समझिए प्यार का असली मतलब, रिश्तों को देखने का नजरिया बदलेगा
नई दिल्ली। हाथ में लाल गुलाब आते ही नजर उसकी मखमली पंखुड़ियों और भीनी खुशबू पर टिक जाती है, लेकिन उसी फूल के नीचे छिपे कांटों पर अक्सर ध्यान नहीं जाता। रोज डे 2026 के मौके पर प्यार का इजहार तो होता है, मगर प्रकृति का यह गहरा संकेत अनदेखा रह जाता है। सवाल यही है कि इतनी कोमल खूबसूरती के साथ इतने पैने कांटे क्यों? इसका जवाब सिर्फ फूल तक सीमित नहीं, बल्कि रिश्तों की गहराई को समझने की कुंजी भी है।
कांटों के साथ ही खिलता है गुलाब
गुलाब यह सिखाता है कि खूबसूरती और चुनौतियां साथ-साथ चलती हैं। हम फूल की कोमलता को अपनाते हैं, लेकिन उसके नीचे मौजूद कांटों को नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि गुलाब और कांटे एक-दूसरे से अलग नहीं हैं। कांटों के बिना गुलाब की कल्पना अधूरी है।
रिश्ते भी होते हैं गुलाब जैसे
जिंदगी के रिश्ते भी गुलाब के पौधे की तरह होते हैं। प्यार, अपनापन और रोमांस उस फूल की तरह हैं, जो सबको भाता है, लेकिन मतभेद, गलतफहमियां और मुश्किल दौर उन कांटों जैसे हैं, जिनसे हम बचना चाहते हैं। यही वह सच है जिसे स्वीकार किए बिना कोई भी रिश्ता मजबूत नहीं बन सकता।
चुनौतियों को अपनाने से ही मजबूत होता है प्यार
हर रिश्ते में उतार-चढ़ाव आना तय है। जिस तरह गुलाब कांटों के बावजूद खिलता है, उसी तरह रिश्ते भी चुनौतियों के बीच पनपते हैं। प्यार सिर्फ अच्छे पलों का नाम नहीं, बल्कि मुश्किल समय में साथ खड़े रहने की समझ और धैर्य भी है।
बाउंड्री और सम्मान की सीख देते हैं कांटे
कांटों को अक्सर नकारात्मक माना जाता है, लेकिन असल में वे गुलाब की सुरक्षा करते हैं। वे बाहरी खतरों से फूल को बचाते हैं। रिश्तों में भी यही भूमिका बाउंड्री निभाती हैं। एक-दूसरे की सीमाओं, सम्मान और स्पेस का ध्यान रखना ही रिश्ते को सुरक्षित और लंबा बनाता है।
रोज डे पर रिश्तों को नई नजर से देखने की जरूरत
इस रोज डे पर गुलाब की सुंदरता के साथ उसके कांटों की सीख को भी अपनाना जरूरी है। याद रखिए, सच्चा प्यार वही है जो चुनौतियों के बीच भी अपनी खुशबू और खूबसूरती बनाए रखे।