गुरुग्राम के बाद अब नोएडा में वेतन वृद्धि को लेकर विरोध प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया। नोएडा के फेज-2 क्षेत्र में एक निजी कंपनी के बाहर कर्मचारियों का प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। बड़ी संख्या में जुटी भीड़ ने वाहनों में तोड़फोड़ की, कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया और पुलिस पर पथराव किया। हालात इतने बिगड़ गए कि पूरा इलाका घंटों तक तनावपूर्ण बना रहा। पुलिस ने बल प्रयोग कर किसी तरह स्थिति को नियंत्रण में लिया।
वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर भड़का आक्रोश
जानकारी के मुताबिक, फेज-2 स्थित एक निजी कंपनी के अस्थायी कर्मचारी वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। कर्मचारियों का आरोप है कि नए श्रम कानूनों के प्रावधान लागू नहीं किए जा रहे हैं। सोमवार सुबह हजारों की संख्या में कर्मचारी कंपनी के बाहर जमा हुए और नारेबाजी शुरू की। हालात को देखते हुए पहले से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
देखते ही देखते हिंसक हुई भीड़
प्रदर्शन के दौरान माहौल अचानक बिगड़ गया और भीड़ उग्र हो उठी। प्रदर्शनकारियों ने आसपास खड़े वाहनों में तोड़फोड़ की और कई गाड़ियों में आग लगा दी। पुलिस पर भी पथराव किया गया, जिसमें पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचा। एक पुलिस जिप्सी को पलटकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। हालात काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया।
एक्सप्रेसवे तक असर, कई इलाकों में लगा जाम
इस हिंसक प्रदर्शन का असर आसपास के इलाकों में भी देखने को मिला। फेज-2 के अलावा सेक्टर 15 और 62 में भी हंगामे के चलते यातायात प्रभावित हुआ। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे समेत नोएडा और गाजियाबाद के कई हिस्सों में लंबा जाम लग गया। घंटों तक वाहन रेंगते रहे, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, डायवर्जन लागू
गाजियाबाद पुलिस ने स्थिति को देखते हुए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की। बताया गया कि सेक्टर 62 के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर दिल्ली जाने वाली लेन में प्रदर्शन के कारण यातायात का दबाव बढ़ गया है। पुलिस ने एबीईएस और विजयनगर बाईपास से वाहनों का डायवर्जन किया और लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की।
प्रशासन की पहले ही थी अपील
इस घटना से एक दिन पहले ही जिला प्रशासन ने श्रमिकों से शांति बनाए रखने की अपील की थी। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने संदेश जारी कर कहा था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और अफवाहों से दूर रहें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि श्रमिकों के हितों की सुरक्षा, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, बोनस, साप्ताहिक अवकाश और कार्यस्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।