नई दिल्ली। जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची का चुनावी दांव पूरी तरह सफल रहा है। उनके नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन ने संसदीय चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए दो तिहाई बहुमत हासिल किया है। इस बड़ी जीत के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सनाए ताकाइची को इस प्रचंड जीत के लिए बधाई दी है।
लोकप्रियता के दम पर हासिल की रिकॉर्ड जीत
जापानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने यह जीत अपनी मजबूत लोकप्रियता और निर्णायक नेतृत्व के बल पर दर्ज की है। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद पब्लिक टेलीविजन नेटवर्क NHK को दिए इंटरव्यू में ताकाइची ने कहा कि वह अब ऐसी नीतियां लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, जो जापान को और अधिक मजबूत, सुरक्षित और समृद्ध बना सकें।
पीएम मोदी का संदेश, भारत-जापान संबंधों पर जताया भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए बधाई संदेश जारी करते हुए कहा, “सनाए ताकाइची, प्रतिनिधि सभा के चुनावों में ऐतिहासिक जीत पर आपको हार्दिक बधाई। मुझे विश्वास है कि आपके कुशल नेतृत्व में भारत और जापान की मित्रता आने वाले समय में नई ऊंचाइयों को छुएगी।” पीएम मोदी के इस संदेश को दोनों देशों के मजबूत रणनीतिक संबंधों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
465 में से 316 सीटों पर एलडीपी का कब्जा
NHK के मुताबिक, वोटों की गिनती पूरी होने तक सनाए ताकाइची की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) ने निचले सदन की कुल 465 सीटों में से 316 सीटें जीत ली हैं। यह आंकड़ा 261 सीटों के साधारण बहुमत से कहीं ज्यादा है। यह जीत पार्टी के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड मानी जा रही है।
1955 के बाद सबसे बड़ी जीत, पुराने रिकॉर्ड भी टूटे
1955 में एलडीपी की स्थापना के बाद से यह अब तक की सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले 1986 में पूर्व प्रधानमंत्री यासुहिरो नाकासोन के नेतृत्व में पार्टी ने 300 सीटें जीती थीं, लेकिन इस बार उस आंकड़े को भी पार कर लिया गया है।
दक्षिणपंथी एजेंडे को मिलेगी रफ्तार
हालांकि एलडीपी के पास अभी ऊपरी सदन में पूर्ण बहुमत नहीं है, लेकिन निचले सदन में मिली भारी बढ़त से प्रधानमंत्री ताकाइची को अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने में मजबूती मिलेगी। उनका फोकस जापान की अर्थव्यवस्था और सैन्य क्षमताओं को सशक्त करने पर है, खासतौर पर ऐसे समय में जब चीन के साथ क्षेत्रीय तनाव बढ़ रहा है और अमेरिका के साथ रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत किया जा रहा है।
तीन महीने में चुनाव, जोखिम भरा फैसला हुआ कामयाब
प्रधानमंत्री पद संभालने के महज तीन महीने बाद ही सनाए ताकाइची ने जल्दी चुनाव कराने का फैसला किया था। उन्हें अपनी लोकप्रियता पर भरोसा था और उन्होंने हालात को अपने पक्ष में मोड़ने की रणनीति अपनाई। चुनावी जीत के बाद उन्होंने कहा कि वह विपक्ष से समर्थन हासिल करने की कोशिश करेंगी और जरूरत के मुताबिक लचीला रुख अपनाएंगी, लेकिन अपने लक्ष्यों पर मजबूती से आगे बढ़ेंगी।