Saudi Embassy Attack: 1 मिनट में दो ड्रोन हमले, ईरान का दावा—रियाद में अमेरिकी दूतावास के भीतर CIA ठिकाना निशाने पर
मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच सऊदी अरब की राजधानी Riyadh स्थित अमेरिकी दूतावास पर हुए ड्रोन हमले को लेकर चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, महज एक मिनट के भीतर दो ड्रोन हमले किए गए और दूतावास परिसर के अंदर मौजूद खुफिया ठिकाने को निशाना बनाया गया।
सेकंडों के अंतराल में दो सटीक हमले
जानकारी के अनुसार, यह घटना तीन मार्च की रात की है। पहला ड्रोन रात करीब 1:30 बजे दूतावास परिसर से टकराया। इसके ठीक एक मिनट बाद दूसरा ड्रोन उसी रास्ते से आया और पहले हमले से बने छेद के भीतर घुसकर विस्फोट कर गया। इस तरह के हमले ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
CIA स्टेशन को बताया जा रहा निशाना
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि जिस हिस्से पर हमला हुआ, वहां Central Intelligence Agency का स्टेशन मौजूद था। हमले में दूतावास की तीन मंजिलों को भारी नुकसान पहुंचा। अधिकारियों का कहना है कि अगर यह हमला दिन के समय हुआ होता, तो नुकसान कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता था।
नुकसान को लेकर अलग-अलग दावे
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने इस हमले में सीमित नुकसान और मामूली आग लगने की बात कही है। वहीं कुछ अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि आग कई घंटों तक जलती रही और दूतावास के कुछ हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। यह भी कहा जा रहा है कि हमला दूतावास के सुरक्षित जोन तक पहुंच गया था।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
दुनिया भर में अमेरिकी दूतावासों की सुरक्षा मेजबान देशों की जिम्मेदारी होती है। रियाद में यह जिम्मेदारी सऊदी सेना के पास है। बताया गया कि पास के शाही महल की सुरक्षा के लिए पैट्रियट मिसाइल सिस्टम तैनात है, जिसकी कवरेज दूतावास तक भी मानी जाती है। इसके बावजूद ड्रोन हमले को रोक पाने में नाकामी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अन्य ठिकानों पर भी हमले, बढ़ा तनाव
रिपोर्ट्स के अनुसार, रियाद के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर भी हमले किए गए, जिसमें अमेरिकी विमानों को नुकसान पहुंचा और करीब एक दर्जन सैनिक घायल हुए। 28 फरवरी से जारी इस संघर्ष के दौरान ईरान ने क्षेत्र में कई अमेरिकी ठिकानों और दूतावासों को निशाना बनाया है। बगदाद, दुबई, कुवैत और इराक के एरबिल स्थित अमेरिकी दूतावास भी हमलों की जद में रहे हैं।
अमेरिकी ठिकानों पर भारी नुकसान
हालांकि दूतावासों पर हुए हमलों में किसी अमेरिकी नागरिक के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन सैन्य ठिकानों पर हमलों में सात सैनिकों की मौत और सैकड़ों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।