कोलकाता: गंगासागर मेला 2026 में तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सियालदह मंडल ने रिकॉर्ड संख्या में 352 विशेष लोकल ट्रेनों का परिचालन किया। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। सियालदह और कोलकाता स्टेशनों से नामखाना और काकद्वीप के बीच चलाई गई इन ट्रेनों ने श्रद्धालुओं को आरामदायक, सुरक्षित और समय पर यात्रा उपलब्ध कराई। अधिकारियों ने बताया कि बिहार, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में तीर्थयात्री आए, जिसे देखते हुए मंडल ने अग्रिम और सक्रिय प्रबंध किए।
लगभग 10 लाख यात्रियों ने ट्रेनों का इस्तेमाल किया
मंडल के बयान के अनुसार, 11 जनवरी से 15 जनवरी तक गंगासागर मेले में करीब 10 लाख यात्रियों ने रेल सेवा का उपयोग किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक है। अधिकारियों ने कहा कि मंडल ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा प्रदान करने के लिए हरसंभव प्रयास किए। इस दौरान रेल सेवाओं का संचालन सफल और व्यवस्थित रहा, जिससे मेला ऐतिहासिक रूप से सफल हुआ।
भीड़ प्रबंधन और विशेष तैयारियां
अधिकारियों ने बताया कि मेले के दौरान ट्रेनों की समयबद्धता सुनिश्चित करने और गंतव्य तक यात्रियों को समय पर पहुंचाने के लिए कड़े परिचालन उपाय किए गए। 15 और 16 जनवरी को अत्यधिक यात्री दबाव के मद्देनजर विशेष व्यवस्थाएं की गईं। 15 जनवरी को बिहार जाने वाले यात्रियों की बढ़ी संख्या को देखते हुए एक विशेष स्क्रैच रेक ट्रेन तुरंत परिचालित की गई। इसके अलावा, प्रमुख मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में दो-दो अतिरिक्त जनरल कोच जोड़े गए। बड़े होल्डिंग एरिया और स्पष्ट प्रवेश-निकास व्यवस्था से भीड़ को नियंत्रित किया गया।
एम-यूटीएस सेवा और सुरक्षा व्यवस्था
मेले के दौरान एम-यूटीएस सेवा भी उपलब्ध कराई गई, जिसमें बुकिंग क्लर्क सीधे यात्रियों के पास जाकर टिकट जारी करते रहे। इससे लंबी कतारों से बचाव हुआ और वरिष्ठ नागरिकों एवं जरूरतमंद यात्रियों को सुविधा मिली। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए पिछले वर्ष की तुलना में दोगुनी संख्या में रेलवे सुरक्षा बल तैनात किए गए। 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी से पूरे स्टेशन परिसर की निगरानी सुनिश्चित की गई। सियालदह मंडल के डीआरएम राजीव सक्सेना ने कहा कि मंडल द्वारा प्रदत्त निर्बाध सेवाओं की तीर्थयात्रियों ने व्यापक सराहना की।