Grok AI पर बढ़े सेक्स कंटेंट, भारत-ब्रिटेन की चेतावनी, दो मुस्लिम देशों ने लगाया बैन

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वाशिगटन : ग्रोक एआई को लेकर दुनियाभर में बवाल बढ़ता ही जा रहा है। भारत और ब्रिटेन जैसे देशों से मिली चेतावनी के बाद अब दो मुस्लिम देशों ने इस चैट बॉट पर बैन लगा दिया। जानकारी के मुताबिक इंडोनेशिया के बाद मलेशिया ने भी ग्रोक पर सख्त ऐक्शन लिया है और अरबपति एलन मस्क के ग्रोक AI तक पहुंच को प्रतिबंधित कर दिया है। ये देश अश्लीलता फैलाने की वजह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम पर प्रतिबंध लगाने वाले पहले देश बन गए हैं।

शनिवार को एक बयान जारी कर इंडोनेशिया के संचार मंत्रालय ने कहा है कि ग्रोक पर अस्थायी प्रतिबंध इसीलिए लगाया जा रहा है ताकि महिलाओं, बच्चों और अन्य लोगों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का उपयोग करके बनाए जा रहे पोर्नोग्राफिक कंटेंट के जोखिम से बचाया जा सके। मंत्रालय ने कहा है कि उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स से इस मामले पर तुरंत स्पष्टीकरण देने को भी कहा है। इससे पहले बीते रविवार को मलेशिया ने भी ग्रोक को चेतावनी देते हुए ग्रोक तक पहुंच को सीमित कर दिया था। मलेशियाई संचार और मल्टीमीडिया आयोग ने कहा कि उसने X Corp. और xAI LLC को नोटिस जारी किए हैं ताकि ऐ-जेनरेटेड कंटेंट पर लगाम लगाई जा सके।

इस बीच भारत से मिली चेतावनी के बाद माइक्रोब्लॉगिंग साइट ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और कहा है कि वह भारतीय कानूनों का पालन करेगी। सरकारी सूत्रों ने बताया कि लगभग 3,500 अश्लील सामग्रियां ब्लॉक की गई हैं और 600 से अधिक अकाउंट्स हटा दिए गए हैं। साथ ही यह भी कहा है कि भविष्य में यह प्लेटफॉर्म अश्लील तस्वीरें बनाने की इजाजत नहीं देगा। सोशल मीडिया मंच के ‘सेफ्टी’ हैंडल ने पिछले रविवार को कहा कि वह अपने अवैध सामग्री, जिसमें बाल यौन शोषण सामग्री भी शामिल है, के खिलाफ कार्रवाई करेगा।

‘ग्रोक’ पर दुनिया भर की सरकारों का दबाव बढ़ता जा रहा है। कई देश हाल के दिनों में एक्स पर बड़ी संख्या में सामने आई आपत्तिजनक और बिना सहमति वाली यौन सामग्री, ‘कंटेंट मॉडरेशन’ और डेटा सुरक्षा को लेकर जेनरेटिव एआई इंजन की कड़ी जांच कर रहे हैं। यूरोप और एशिया समेत दुनिया भर की सरकारों ने ऑनलाइन सुरक्षा मानकों का पालन ना करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं इस मुद्दे पर ‘एक्स’ और ‘ग्रोक’ दोनों के खिलाफ कार्रवाई की सार्वजनिक मांग भी लगातार तेज हो रही है। भारत के अलावा, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ (ईयू) ने भी ‘ग्रोक’ एआई से जुड़ी ‘डीपफेक’ तस्वीरों के मामले को लेकर एक्स पर दबाव बढ़ाया है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने ऐसे कृत्यों को ‘घिनौना’ बताया। वहीं यूरोपीय आयोग ने एक्स से कहा है कि वह ग्रोक से संबंधित सभी दस्तावेजों को सुरक्षित रखे।

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