‘ड्राफ्ट’ मैसेज से घिरे शहबाज शरीफ: ईरान-अमेरिका सीजफायर पर पोस्ट के बाद पाकिस्तान में मचा सियासी बवाल

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ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर की खबर के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर अपने ही देश में घिर गए हैं। आरोप है कि उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से एक ‘कॉपी-पेस्ट’ ड्राफ्ट मैसेज शेयर कर दिया, जिसके चलते उन्हें सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है। विवाद बढ़ने पर पोस्ट को हटाकर दोबारा संशोधित रूप में जारी किया गया, लेकिन तब तक उसका स्क्रीनशॉट वायरल हो चुका था।

पोस्ट में दिखा ‘ड्राफ्ट’ टैग, उठे गंभीर सवाल

विवादित पोस्ट में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात यह रही कि उसमें “Draft – Pakistan’s PM Message on X” लिखा हुआ था। इस चूक ने पूरे मामले को और तूल दे दिया। लोगों का आरोप है कि यह मैसेज संभवतः किसी बाहरी स्रोत से तैयार कर भेजा गया था, जिसे बिना जांचे-परखे साझा कर दिया गया। बाद में पहली लाइन हटाकर वही संदेश फिर से पोस्ट किया गया, लेकिन तब तक मामला सार्वजनिक हो चुका था।

क्या था उस ड्राफ्ट मैसेज में?

इस संदेश में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील की गई थी कि वे ईरान के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई को दो हफ्तों के लिए टाल दें, ताकि कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ने का मौका मिल सके। साथ ही ईरान से हार्मुज जलडमरूमध्य को ‘शुभेच्छा के तौर पर’ फिर से खोलने की भी बात कही गई थी। सामान्य कूटनीतिक भाषा में लिखे इस संदेश पर विवाद उसकी भाषा नहीं, बल्कि उसके प्रस्तुतीकरण को लेकर हुआ।

पत्रकारों और यूजर्स ने उठाए सवाल

इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर सवालों की बाढ़ आ गई। पत्रकार रायन ग्रिम ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह असामान्य है कि प्रधानमंत्री के लिए उनकी ही टीम ‘Pakistan’s PM’ लिखकर ड्राफ्ट तैयार करे। कई यूजर्स ने भी आशंका जताई कि संदेश देश के बाहर तैयार किया गया हो सकता है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि इस्तेमाल की गई अंग्रेजी शैली पाकिस्तान के सरकारी संचार से मेल नहीं खाती। हालांकि, प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से अब तक इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

नोबेल शांति पुरस्कार की मांग ने बढ़ाया विवाद

इसी बीच पाकिस्तान में एक और राजनीतिक बहस छिड़ गई है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि उन्होंने ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर कराने में भूमिका निभाई है। इसी आधार पर उनके समर्थकों ने नोबेल शांति पुरस्कार की मांग उठानी शुरू कर दी है। कराची चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने भी दोनों नेताओं के समर्थन में ऐसी मांग रखी है। इससे पहले दोनों नेताओं ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए भी शांति प्रयासों के नाम पर नोबेल पुरस्कार की सिफारिश की थी।

इस्लामाबाद में छुट्टी, वार्ता को लेकर उम्मीदें बरकरार

वहीं, सीजफायर को लेकर अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। ईरान की कई शर्तों पर सहमति नहीं बनने की खबरें सामने आ रही हैं, जबकि लेबनान में इजरायली हमलों के बाद तनाव और बढ़ गया है। इसके बावजूद पाकिस्तान को उम्मीद है कि 10 अप्रैल को ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित वार्ता इस्लामाबाद में हो सकती है। इसी को देखते हुए सुरक्षा कारणों से राजधानी में दो दिन का अवकाश घोषित किया गया है।

 

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