SIR पर सियासी सरगर्मी तेज: भाजपा-कांग्रेस पूरी ताकत से मैदान में, 8 जून से आपके घर तीन बार पहुंचेंगे बीएलओ

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देहरादून: उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। देहरादून जिले में भाजपा और कांग्रेस बूथ स्तर पर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं, जबकि अन्य दलों की सक्रियता अपेक्षाकृत कम नजर आ रही है। इस बीच निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि 8 जून से बीएलओ घर-घर पहुंचकर मतदाता सत्यापन और गणना फार्म वितरण का कार्य शुरू करेंगे।

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में बताया कि जिले के 10 विधानसभा क्षेत्रों के 1,882 मतदान केंद्रों पर भाजपा ने 1,839 और कांग्रेस ने 1,717 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए-2) नियुक्त कर दिए हैं। वहीं सीपीआई (एम) ने 378 एजेंट तैनात किए हैं। अन्य मान्यता प्राप्त दलों की ओर से अभी तक अपेक्षित नियुक्तियां नहीं की गई हैं।

मतदाता सूची पुनरीक्षण में तेजी, 80 प्रतिशत से अधिक मैपिंग पूरी

निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, प्री-एसआईआर चरण में जिले के 13,76,813 मतदाताओं में से 11,06,652 मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है, जो कुल मतदाताओं का 80.38 प्रतिशत है। प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों से सात जून तक अधिकतम संख्या में बीएलए-2 नियुक्त करने का आग्रह किया है।

प्रदेश स्तर पर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरे राज्य में शुरू हो चुकी है। सभी विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ का प्रशिक्षण पूरा कर लिया गया है और गणना फार्मों की शत-प्रतिशत छपाई भी हो चुकी है।

79 लाख से अधिक मतदाताओं तक पहुंचेगा अभियान

निर्वाचन विभाग के अनुसार, प्रदेश के 79 लाख 60 हजार 762 मतदाताओं को गणना फार्म उपलब्ध कराए जाएंगे। मतदाता चाहें तो निर्वाचन आयोग के डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी फार्म डाउनलोड कर उसे भरकर ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि जो पात्र नागरिक अभी मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, वे फार्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं। दावों और आपत्तियों के निस्तारण के दौरान ऐसे आवेदनों पर विचार किया जाएगा।

तीन चरणों में होगी घर-घर दस्तक

एसआईआर अभियान के तहत बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे। इस दौरान गणना फार्म वितरित किए जाएंगे, भरे हुए फार्म प्राप्त किए जाएंगे और उन्हें डिजिटल माध्यम से अपलोड भी किया जाएगा। निर्वाचन विभाग का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है।

जानिए पूरा कार्यक्रम

8 जून से 7 जुलाई 2026: बीएलओ घर-घर जाकर गणना फार्म वितरित करेंगे और भरे हुए फार्म एकत्र करेंगे।

14 जुलाई 2026: प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन।

14 जुलाई से 13 अगस्त 2026: दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि।

11 सितंबर 2026: दावे और आपत्तियों का निस्तारण।

15 सितंबर 2026: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।

पुरानी वोटर लिस्ट भी होगी उपलब्ध

निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए वर्ष 2003 की मतदाता सूची भी ऑनलाइन उपलब्ध कराई है। मतदाता अपने नाम, पिता या पति के नाम, विधानसभा क्षेत्र और बूथ संख्या के आधार पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। क्षेत्र, मोहल्ले और गली के नाम से भी खोज की सुविधा उपलब्ध है।

कांग्रेस ने उठाए पारदर्शिता पर सवाल

बैठक के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधियों ने कुछ बूथों पर नियुक्तियों को लेकर आपत्ति जताई। पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया कि कुछ स्थानों पर निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं। साथ ही सहायक बीएलओ की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा गया।

प्रशासन ने जवाब देते हुए कहा कि सहायक बीएलओ केवल मुख्य बीएलओ की सहायता के लिए नियुक्त किए गए हैं और उनका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर मतदाताओं की पहचान एवं सत्यापन प्रक्रिया को सुगम बनाना है।

 

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