नोएडा में बनेंगी छह हाईटेक जल पुलिस चौकियां, यमुना-नहर क्षेत्रों में धार्मिक और पर्यटन स्थलों की सुरक्षा होगी मजबूत
नोएडा। आपदा प्रबंधन और जनसुरक्षा को लेकर नोएडा पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर जिले में छह हाईटेक जल पुलिस चौकियों की स्थापना की जाएगी। इसके लिए विभिन्न जल क्षेत्रों को चिन्हित कर लिया गया है। योजना का उद्देश्य यमुना तट, नहरों, घाटों और जल पर्यटन स्थलों पर आने वाले नागरिकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ राहत और बचाव व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाना है।
जनसुरक्षा को प्राथमिकता, अवैध गतिविधियों पर भी लगेगी लगाम
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बताया कि जल क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों की रोकथाम, बाढ़ की संभावनाओं और छठ पूजा जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। जल पुलिस चौकियों के माध्यम से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम विकसित किया जाएगा।
इन क्षेत्रों में स्थापित होंगी जल पुलिस चौकियां
त्वरित बचाव और निगरानी के लिए सेक्टर-126 थाना क्षेत्र में ओखला बैराज की पूर्व दिशा में कालिंदी कुंज यमुना पुल के नीचे, सेंट्रल नोएडा जोन में इकोटेक-तीन थाना क्षेत्र के हरनंदी किनारे और कुलेसरा क्षेत्र को चुना गया है। वहीं ग्रेटर नोएडा जोन में थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र के ग्राम कामबक्शपुर यमुना तटीय इलाका, दादरी थाना क्षेत्र की कोट नहर, थाना दनकौर क्षेत्र की खेरली नहर पुलिया और रबूपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम चंडीगढ़ यमुना नहर क्षेत्र को भी जल पुलिस चौकियों के लिए चिन्हित किया गया है।
त्योहारों और कांवड़ यात्रा के दौरान रहेगा विशेष फोकस
पुलिस आयुक्त के अनुसार श्रावण मास की कांवड़ यात्रा, छठ पूजा, दुर्गा पूजा और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान घाटों और जल क्षेत्रों पर भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे हादसों की आशंका बढ़ जाती है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जल पुलिस चौकियों की स्थापना की जा रही है। यहां तैनात पुलिसकर्मी भीड़ प्रबंधन, बैरिकेडिंग, नाव संचालन की निगरानी और आपात स्थिति में बचाव कार्य की जिम्मेदारी संभालेंगे।
हाईटेक सुविधाओं से लैस होंगी जल पुलिस चौकियां
जल पुलिस चौकियों को आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित संसाधनों से लैस किया जाएगा। इनमें रबरयुक्त बचाव नौकाएं, प्रशिक्षित नाव चालक, स्थानीय गोताखोर और आपदा मित्र शामिल रहेंगे। राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि किसी भी आकस्मिक घटना पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
प्रत्येक चौकी पर तैनात रहेगा विशेष स्टाफ
प्रत्येक जल पुलिस चौकी पर एक प्रभारी, मुख्य आरक्षी या आरक्षी के साथ दो बोट चालक, दो सहायक बोट चालक और चार से आठ स्थानीय गोताखोर व आपदा मित्र तैनात किए जाएंगे। क्षेत्र की संवेदनशीलता और कार्यभार के अनुसार स्टाफ और संसाधनों में बढ़ोतरी भी की जाएगी, जिससे जल क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को किसी भी स्तर पर कमजोर न पड़ने दिया जाए।