पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गुरुवार का दिन विधायी कार्यवाही के लिहाज से बेहद अहम रहने वाला है। भोजनावकाश के बाद सदन में छह महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे। सरकार की ओर से इन्हें विभिन्न प्रशासनिक और संस्थागत सुधारों के उद्देश्य से लाया जा रहा है।
भोजनावकाश के बाद सदन में पेश होंगे विधेयक
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सामान्य चर्चा के बाद इन विधेयकों पर सहमति प्रदान किए जाने की संभावना जताई जा रही है। सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य अपने-अपने तर्क रखेंगे, जिसके बाद पारित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इन विधेयकों पर रहेगी सबकी नजर
आज जिन विधेयकों को सदन में रखा जाएगा, उनमें बिहार जनविश्वास (प्रविधान संशोधन) विधेयक, बिहार अधिवक्ता कल्याण निधि (संशोधन) विधेयक और बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड (संशोधन) विधेयक शामिल हैं।
इसके अलावा बिहार निजी व्यावसायिक शैक्षणिक संस्थान (नामांकन विनियमन एवं शुल्क निर्धारण) विधेयक, बिहार सूक्ष्म वित्त संस्थाएं विधेयक तथा बिहार सचिवालय सेवा (संशोधन) विधेयक भी पेश किए जाएंगे।
प्रशासन, शिक्षा और वित्तीय निगरानी से जुड़े अहम बदलाव
सरकार का कहना है कि इन विधेयकों के जरिए प्रशासनिक ढांचे में सुधार, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, अधिवक्ताओं के हितों की सुरक्षा, निजी शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन और शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया को नियंत्रित करने, सूक्ष्म वित्त संस्थाओं की निगरानी को सशक्त बनाने तथा सचिवालय सेवा से जुड़े प्रावधानों में आवश्यक संशोधन किए जाने का प्रावधान है।
इन प्रस्तावों को लेकर सदन में विस्तृत चर्चा होने की संभावना है, जहां विपक्ष सरकार से कई मुद्दों पर जवाब मांग सकता है।
CAG की लेखापरीक्षा रिपोर्ट भी होगी पेश
बजट सत्र के 18वें दिन वित्त विभाग के प्रभारी मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) से प्राप्त लेखापरीक्षा रिपोर्ट को भी सदन के पटल पर रखेंगे। यह रिपोर्ट राज्य के वित्तीय प्रबंधन और खर्चों से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डालती है, जिस पर आगे चर्चा की संभावना बनी हुई है।
आज की कार्यवाही को देखते हुए विधानसभा में राजनीतिक सरगर्मी तेज रहने के आसार हैं।