Snow Moon 2026: फरवरी की इस रात आसमान में चमकेगा भव्य ‘स्नो मून’, जानें नाम की कहानी और इसे देखने का सही तरीका
नई दिल्ली। फरवरी की शुरुआत में रात का आकाश एक अद्भुत दृश्य पेश करेगा। 1 फरवरी 2026 को आसमान में ‘स्नो मून’ अपनी पूरी चमक के साथ नजर आएगा। यह फरवरी का फुल मून होगा और देखने में बेहद आकर्षक दिखाई देगा। इतिहास और खगोल विज्ञान के अनुसार, इसका नाम और महत्व सदियों पुराना है।
‘स्नो मून’ नाम क्यों पड़ा?
इस फुल मून को ‘स्नो मून’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह महीने के दौरान भारी बर्फबारी के लिए जाना जाता है। इस नाम का जिक्र 1760 के दशक में कैप्टन जोनाथन कार्वर ने अपने अनुभवों में किया था। उन्होंने अल्मनैक में लिखा कि फरवरी के महीने में सर्दियों के बाकी महीनों की तुलना में सबसे ज्यादा बर्फ गिरती है, खासकर अमेरिका में। इसलिए इसे ‘स्नो मून’ कहा जाता है।
अपनी पूरी चमक पर होगा चंद्रमा
पूर्ण चंद्रमा तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी के चारों ओर घूमते हुए सूर्य के ठीक विपरीत होता है। इस स्थिति में चंद्रमा का वह हिस्सा, जो पृथ्वी की ओर होता है, सूर्य के प्रकाश से पूरी तरह रोशन हो जाता है। नासा के अनुसार, 1 फरवरी को स्नो मून शाम करीब 5:09 बजे अपनी अधिकतम चमक पर होगा।
कब और कैसे देखें स्नो मून
- कहाँ देखें: सूर्यास्त के समय पूर्व दिशा की ओर नजर डालें। चंद्रमा क्षितिज से ऊपर उठता दिखाई देगा और यह ‘कर्क’ तारामंडल के पास दिखाई देगा।
- साफ दृश्य के लिए: शहर की तेज रोशनी और प्रदूषण से दूर किसी खुली जगह पर जाएं।
- विशेष प्रभाव: जब चंद्रमा क्षितिज के पास होगा, यह असामान्य रूप से बड़ा दिखाई दे सकता है, जिसे ‘मून इल्यूजन’ कहते हैं। इसके अलावा, बादलों से गुजरते हुए यह चमकदार वलय या हल्का हिलता हुआ किनारा (लिम्ब) भी दिख सकता है।
चंद्रमा से जुड़े रोचक तथ्य
- हम पृथ्वी से हमेशा चंद्रमा का वही हिस्सा देखते हैं, क्योंकि यह पृथ्वी के समान गति से घूर्णन करता है।
- चंद्रमा स्वयं प्रकाश नहीं करता; यह सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करता है।
- अर्धचंद्र या हाफ मून के समय, पृथ्वी से परावर्तित सूर्य की रोशनी के कारण चंद्रमा का अंधेरा पक्ष हल्का चमकता दिखाई देता है। इसे ‘अर्थशाइन’ कहते हैं।
फरवरी का यह स्नो मून खगोल प्रेमियों के लिए यादगार अनुभव साबित होने वाला है। साफ आकाश और सही समय पर देखने से आप इस अद्भुत खगोलीय घटना का पूरा आनंद ले सकते हैं।