AAP में भी बगावत की आहट? राघव चड्ढा के बाद सांसदों के NDA में जाने का दावा, रामदास आठवले के बयान से बढ़ी सियासी हलचल
नई दिल्ली: देश की राजनीति में विपक्षी दलों के भीतर संभावित टूट और बगावत की चर्चाएं लगातार तेज होती जा रही हैं। शिवसेना (यूबीटी) और तृणमूल कांग्रेस को लेकर चल रही अटकलों के बीच अब आम आदमी पार्टी को लेकर भी नए राजनीतिक दावे सामने आए हैं। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले के एक बयान ने राजधानी से लेकर संसद के गलियारों तक नई बहस छेड़ दी है।
रामदास आठवले ने दावा किया है कि भविष्य में आम आदमी पार्टी के कुछ सांसद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का समर्थन कर सकते हैं। उनके इस बयान के बाद विपक्षी एकजुटता और आने वाले राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
उद्धव ठाकरे की रणनीति पर उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्री ने महाराष्ट्र की राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2019 में उद्धव ठाकरे के पास अलग राजनीतिक विकल्प मौजूद थे, लेकिन उन्होंने दूसरा रास्ता चुना। आठवले का कहना है कि उस फैसले का असर आज भी दिखाई दे रहा है और पार्टी नेतृत्व के सामने अपने सांसदों तथा विधायकों को एकजुट बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।
शिवसेना (यूबीटी) में टूट के दावे
रामदास आठवले ने दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ जाने की तैयारी में हैं। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा उस समय और तेज हो गई जब पार्टी नेतृत्व और बागी रुख अपनाने वाले सांसदों ने अलग-अलग लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की।
सूत्रों के अनुसार, बागी सांसद अलग गुट के रूप में मान्यता और शिंदे गुट में विलय की संभावनाओं पर भी विचार कर सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
AAP सांसदों को लेकर बड़ा दावा
आठवले ने आम आदमी पार्टी को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में पार्टी के लोकसभा सांसद एनडीए का समर्थन कर सकते हैं। वर्तमान में लोकसभा में आम आदमी पार्टी के तीन सांसद हैं और उनके राजनीतिक रुख को लेकर बयान के बाद नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं और कुछ सांसद सत्ता पक्ष के संपर्क में होने की चर्चा है।
परिसीमन और महिला आरक्षण पर नजर
केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि यदि राजनीतिक समीकरण इसी तरह बदलते रहे तो भविष्य में एनडीए को संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों के लिए आवश्यक समर्थन जुटाने में आसानी हो सकती है। महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे मुद्दों को लेकर भी उन्होंने सत्ता पक्ष की स्थिति मजबूत होने की बात कही।
सपा को लेकर भी जारी हैं अटकलें
उधर, उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी सियासी बयानबाजी जारी है। सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी में संभावित टूट को लेकर दावे किए हैं। हालांकि समाजवादी पार्टी इन सभी दावों को लगातार खारिज करती रही है।