उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां चलती ट्रेन में लापरवाही एक युवक की जान पर भारी पड़ गई। इलाज के लिए झांसी जा रहे 32 वर्षीय लल्लू की गुटखा थूकने के दौरान ट्रेन से गिरकर मौत हो गई। इस हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया है।
इलाज के लिए जा रहा था, रास्ते में हुआ हादसा
महोबा के भटीपुरा मोहल्ले का रहने वाला लल्लू बीमार था और उसके पिता जयपाल उसे इलाज के लिए मेमो ट्रेन से झांसी ले जा रहे थे। यात्रा के दौरान जब ट्रेन घुटई स्टेशन पार कर दिदौरा रेलवे गेट के पास पहुंची, तभी यह हादसा हो गया।
भीड़ और असंतुलन बना मौत की वजह
बताया जा रहा है कि ट्रेन में काफी भीड़ थी। इसी दौरान लल्लू मुंह में भरा गुटखा थूकने के लिए बोगी के दरवाजे की ओर गया। तभी अचानक धक्का लगने या संतुलन बिगड़ने से वह चलती ट्रेन से सीधे रेलवे ट्रैक पर जा गिरा। घटना के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और ट्रेन रुकवाने की कोशिश की गई, लेकिन ट्रेन हरपालपुर स्टेशन पहुंचकर ही रुकी।
घायल हालत में मिला, अस्पताल में तोड़ा दम
हादसे की सूचना मिलते ही एम्बुलेंस बुलाई गई। जब परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तो लल्लू गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा था। बताया जा रहा है कि उस समय वह होश में था और उसने धक्का दिए जाने की बात भी कही थी। उसे तत्काल पनवाड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार में पसरा मातम, जांच में जुटी पुलिस
इस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। बुजुर्ग पिता के कंधों पर जवान बेटे की अर्थी उठने से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर लिया है और पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
लापरवाही पर चेतावनी
यह घटना उन यात्रियों के लिए गंभीर चेतावनी है, जो ट्रेन यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज करते हैं। चलती ट्रेन के दरवाजे पर जाना या असावधानी बरतना कभी भी जानलेवा साबित हो सकता है।