मुरादाबाद के बिलारी क्षेत्र स्थित गांव मोहम्मदपुर मनसूख उर्फ धमावली में इन दिनों अजीबो-गरीब हालात बने हुए हैं। यहां ग्राम प्रधान समेत कई ग्रामीणों के नाम से शासन स्तर पर लगातार शिकायतें भेजी जा रही हैं, जबकि जिनके नाम से शिकायत दर्ज हो रही है, वे खुद इससे इनकार कर रहे हैं। पूरे घटनाक्रम ने गांव में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है।
शिकायतें आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से की जा रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि शिकायत के साथ ग्राम प्रधान की मुहर (पैड) भी संलग्न की जा रही है। शिकायतों की जांच के लिए अधिकारी गांव पहुंच रहे हैं, लेकिन कथित शिकायतकर्ता साफ कह रहे हैं कि उन्होंने कोई शिकायत नहीं की।
तीन महीने में 50 लोगों के खिलाफ शिकायत, गांव में बढ़ी रंजिश
पिछले तीन महीनों में करीब 50 ग्रामीणों के खिलाफ अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। इन शिकायतों में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज बनवाने के आरोप लगाए गए हैं।
रामवीर सिंह के नाबालिग बेटे के जन्म प्रमाण पत्र को फर्जी बताया गया, वहीं राजकुमार के निवास प्रमाण पत्र पर भी सवाल उठाए गए। जिन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है, उन्हीं के नाम और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल पोर्टल पर किया गया है।
लगातार हो रही इन शिकायतों से ग्रामीणों के बीच अविश्वास और मनमुटाव बढ़ गया है। हालात ऐसे हैं कि किसी भी दिन बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है, क्योंकि कुछ लोग शिकायतकर्ताओं के इनकार पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।
ग्राम प्रधान पति पहुंचे एसएसपी के पास, सर्विलांस टीम जांच में जुटी
मंगलवार दोपहर ग्राम प्रधान सोमवती के पति नवल किशोर मीना, महिपाल सिंह, मोनू, सतपाल, अशोक और रतन समेत कई ग्रामीण सतपाल अंतिल, एसएसपी मुरादाबाद से मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके नाम का दुरुपयोग कर फर्जी शिकायतें की जा रही हैं।
एसएसपी ने मामले को गंभीर मानते हुए थाना पुलिस के साथ सर्विलांस टीम को गांव भेज दिया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शिकायतें किस माध्यम से और किस व्यक्ति द्वारा की जा रही हैं।
एसएसपी सतपाल अंतिल ने कहा कि कुछ लोगों ने शिकायत की है और मामला गंभीर है। इससे गांव में मनमुटाव बढ़ रहा है। इसी कारण तत्काल जांच के आदेश दिए गए हैं। पुलिस तकनीकी जांच के जरिए उस व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जो फर्जी तरीके से शिकायतें भेज रहा है।
फिलहाल पूरे गांव की निगाहें जांच पर टिकी हैं और ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही ‘भूतिया’ शिकायतों के पीछे छिपा चेहरा सामने आएगा।