गौतमबुद्धनगर: जनपद में वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संबंधित अधिकारियों और गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें गैस वितरण व्यवस्था को लेकर कई अहम निर्देश दिए गए।
अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के निर्देश
बैठक का मुख्य उद्देश्य गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और संभावित कालाबाजारी जैसी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना रहा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गैस वितरण प्रक्रिया शासनादेश के अनुरूप हो और किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पीएनजी कनेक्शन में आ रही बाधाओं पर सख्ती
बैठक के दौरान पीएनजी कनेक्शन की समीक्षा भी की गई। आईजीएल कंपनी के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि कई क्षेत्रों में प्राधिकरण से एनओसी न मिलने के कारण कनेक्शन स्थापित नहीं हो पा रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित प्राधिकरणों को पत्र भेजकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए, ताकि कनेक्शन प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को जल्द दूर किया जा सके।

पुलिस को भी दिए गए विशेष निर्देश
जहां-जहां गैस एजेंसियों को कार्य के दौरान समस्याएं आ रही हैं, वहां सुरक्षा और सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस विभाग को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य आपूर्ति व्यवस्था को निर्बाध और पारदर्शी बनाना है।
तहसील स्तर पर निगरानी व्यवस्था मजबूत
गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए सभी तहसीलों में एसडीएम न्यायिक को प्रभारी बनाया गया है। उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है कि गैस वितरण मानकों और शासन के नियमों के अनुरूप ही हो तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने न आए।
संयुक्त टीमें चला रहीं अभियान
प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी स्मृति गौतम ने बताया कि उपजिलाधिकारी और नगर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में बाट-माप विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग तथा ऑयल कंपनियों के अधिकारियों की संयुक्त टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। इन अभियानों के जरिए एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों के वितरण में पारदर्शिता और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित किया जा रहा है।

70 प्रतिशत तक सिलेंडर आपूर्ति का प्रावधान
जनपद में वाणिज्यिक गैस सिलेंडर का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं और संस्थाओं को उनकी आवश्यकता के अनुसार लगभग 70 प्रतिशत तक सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके लिए संबंधित उपभोक्ताओं को पिछले वित्तीय वर्ष में उपयोग किए गए सिलेंडरों का विवरण और पीएनजी कनेक्शन के लिए किए गए आवेदन का प्रमाण गैस कंपनियों को ईमेल के माध्यम से भेजना होगा।
पीएनजी आवेदन करने वालों को ही मिलेगा लाभ
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 70 प्रतिशत तक की यह आपूर्ति केवल उन्हीं संस्थाओं और उपभोक्ताओं को मिलेगी, जिन्होंने पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन किया है। पीएनजी से जुड़ी जानकारी के लिए निर्धारित पोर्टल पर संपर्क किया जा सकता है, वहीं संबंधित गैस कंपनियों की ईमेल आईडी पर भी आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।