गौतमबुद्धनगर में पीएम मातृ वंदना योजना की धीमी प्रगति पर सख्ती, सीडीपीओ ने वीएचएसएनडी सत्र का किया औचक निरीक्षण

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गौतमबुद्धनगर: जनपद गौतमबुद्धनगर में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की अपेक्षाकृत धीमी प्रगति को देखते हुए बाल विकास विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) संध्या सोनी ने वीएचएसएनडी सत्र का औचक निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

सीडीपीओ संध्या सोनी ने बताया कि निदेशक बाल विकास पुष्पहार के निर्देशों के अनुपालन में यह निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि योजना में जनपद स्तर पर प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई है, जिसे सुधारने के लिए फील्ड स्तर पर निगरानी और कार्य में तेजी लाना जरूरी है।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को रोजाना 10 फॉर्म भरवाने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान सीडीपीओ ने सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को निर्देशित किया कि वे दो-दो मुख्य सेविकाओं के माध्यम से प्रतिदिन कम से कम 10 पात्र महिलाओं के फॉर्म भरवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इसका उद्देश्य यह है कि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र गर्भवती और धात्री महिलाओं तक पहुंच सके।

नियाना वीएचएसएनडी सत्र में एएनएम और आशा कार्यकर्ता मिलीं मौजूद

निरीक्षण के दौरान नियाना में आयोजित वीएचएसएनडी सत्र का भी जायजा लिया गया। इस दौरान वहां एएनएम और आशा कार्यकर्ता उपस्थित पाई गईं। ड्यू लिस्ट के अनुसार कुल 11 गर्भवती महिलाएं चिन्हित थीं, जिनमें से 4 महिलाएं पात्र तो थीं लेकिन समय मानक के अनुसार उनकी प्रक्रिया पूरी नहीं थी, जबकि 1 महिला पूर्ण रूप से पात्र पाई गई। सीडीपीओ ने निर्देश दिया कि उक्त पात्र महिला का फॉर्म सोमवार को मुख्य सेविका के माध्यम से भरवाया जाएगा।

लापरवाही पर होगी दंडात्मक कार्रवाई

सीडीपीओ ने परियोजना क्षेत्र की सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे क्षेत्र में व्यापक स्तर पर योजना का प्रचार-प्रसार करें और पात्र महिलाओं का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जनपद में लक्ष्य के मुकाबले पंजीकरण काफी कम

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा जनपद गौतमबुद्धनगर के लिए कुल 13,444 लाभार्थियों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि वर्तमान स्थिति में जनपद में केवल 2,643 लाभार्थियों का ही पंजीकरण हो पाया है, जो निर्धारित लक्ष्य की तुलना में काफी कम है।

पोषण ट्रैकर के आधार पर पात्र महिलाओं की पहचान के निर्देश

विभाग की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां पोषण ट्रैकर के रजिस्टर में दर्ज लाभार्थियों में से पात्र महिलाओं की पहचान करें और उन्हें योजना के तहत आवेदन करवाएं। इसका उद्देश्य यह है कि अधिक से अधिक महिलाएं योजना का लाभ प्राप्त कर सकें और जनपद का निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सके।

 

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