मुंबई से आई बड़ी कॉर्पोरेट खबर में देश की अग्रणी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी करते हुए मजबूत प्रदर्शन का संकेत दिया है। जनवरी से मार्च तिमाही के दौरान कंपनी ने मुनाफे और आय दोनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है, जिससे बाजार में सकारात्मक संकेत गए हैं।
मुनाफे में दो अंकों की बढ़ोतरी
कंपनी की ओर से एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई जानकारी के अनुसार, चौथी तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 12 प्रतिशत बढ़कर 13,718 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 12,224 करोड़ रुपये था, जिससे कंपनी की लाभप्रदता में मजबूत सुधार देखने को मिला है।
रेवेन्यू में भी शानदार उछाल
टीसीएस ने ऑपरेशन्स से होने वाली आय में भी ठोस वृद्धि दर्ज की है। चौथी तिमाही में कंपनी का कुल रेवेन्यू 9.6 प्रतिशत बढ़कर 70,698 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 64,479 करोड़ रुपये था। यह वृद्धि कंपनी के मजबूत ऑर्डर बुक और स्थिर मांग को दर्शाती है।
तिमाही आधार पर और भी मजबूत प्रदर्शन
यदि तिमाही दर तिमाही तुलना की जाए, तो कंपनी का प्रदर्शन और भी प्रभावशाली रहा है। इस दौरान मुनाफे में 28.7 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि रेवेन्यू में 5.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह संकेत देता है कि कंपनी की ऑपरेशनल क्षमता लगातार बेहतर हो रही है।
प्रबंधन ने जताया भरोसा, ग्रोथ बरकरार
कंपनी के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर के कृतिवासन ने नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि टीसीएस ने लगातार तीसरी तिमाही में ग्रोथ दर्ज की है। उन्होंने बताया कि कंपनी की वृद्धि प्रमुख बाजारों और अधिकांश इंडस्ट्री सेगमेंट्स में संतुलित रूप से बनी हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद ग्राहकों का टेक्नोलॉजी निवेश पर भरोसा कायम है, जो कंपनी के लिए भविष्य में नए अवसरों का रास्ता खोलता है।
एआई से बढ़ रही कमाई, नए अवसरों की उम्मीद
कंपनी की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, प्रेसिडेंट और सीओओ आरती सुब्रमण्यम ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 एंटरप्राइज एआई अपनाने के लिहाज से अहम रहा। चौथी तिमाही में एआई से होने वाली कंपनी की सालाना आय 2.3 अरब डॉलर से अधिक हो गई, जो इस क्षेत्र में तेजी से बढ़ती मांग को दर्शाती है।
खर्च में बढ़ोतरी, लेकिन नियंत्रण बरकरार
चौथी तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 53,093 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में 49,105 करोड़ रुपये था। हालांकि तिमाही आधार पर खर्च 50,736 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जिससे संकेत मिलता है कि कंपनी लागत प्रबंधन पर भी ध्यान दे रही है।
निवेशकों को बड़ा तोहफा: 31 रुपये डिविडेंड
टीसीएस ने अपने निवेशकों को राहत देते हुए वित्त वर्ष 2026 के लिए 31 रुपये प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की घोषणा की है। यह डिविडेंड आगामी वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों की मंजूरी के बाद वितरित किया जाएगा।
कंपनी ने यह भी बताया कि पूरे वित्त वर्ष के दौरान उसने निवेशकों को कुल 39,571 करोड़ रुपये का डिविडेंड भुगतान किया है, जो उसकी मजबूत नकदी स्थिति को दर्शाता है।