नोएडा। सेक्टर-30 स्थित Child PGI Noida को बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि मिली है। नेशनल मेडिकल कमीशन ने संस्थान को पीडियाट्रिक एनेस्थीसिया की दो सीटों पर पढ़ाई शुरू करने की मंजूरी दे दी है। इस अनुमति के साथ ही चाइल्ड पीजीआई उत्तर प्रदेश का पहला संस्थान बन गया है, जहां इस सुपरस्पेशियलिटी कोर्स की पढ़ाई कराई जाएगी।
मंजूरी मिलने के बाद इसी सत्र से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होते ही कक्षाएं प्रारंभ कर दी जाएंगी। संस्थान प्रशासन ने इसके लिए आवश्यक शैक्षणिक और चिकित्सीय तैयारियां पूरी कर ली हैं।
डीएम पीडियाट्रिक एंड निओनेटल एनेस्थीसिया कोर्स को मिली स्वीकृति
पीडियाट्रिक एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर मुकुल जैन ने जानकारी दी कि संस्थान को डीएम पीडियाट्रिक एंड निओनेटल एनेस्थीसिया कोर्स संचालित करने की अनुमति मिल गई है। यह डाक्टरेट ऑफ मेडिसिन (DM) तीन वर्षीय सुपरस्पेशियलिटी कोर्स है, जिसे एमडी मेडिसिन के बाद किया जाता है और यह चिकित्सा शिक्षा के सर्वोच्च स्तरों में गिना जाता है।
इससे पहले भी पीजीआई में कई महत्वपूर्ण मेडिकल विभागों में उच्च स्तरीय कोर्स संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन पीडियाट्रिक एनेस्थीसिया की शुरुआत को एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
बाल मरीजों के इलाज में मिलेगा विशेष लाभ
प्रोफेसर मुकुल जैन के अनुसार, इस कोर्स की शुरुआत से नए डॉक्टर बाल और नवजात मरीजों को दी जाने वाली एनेस्थीसिया की जटिल बारीकियों को गहराई से समझ सकेंगे। इससे बच्चों को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बेहोशी देने में विशेषज्ञता विकसित होगी, जो जटिल सर्जरी और गंभीर उपचार के दौरान बेहद अहम होती है।
उन्होंने उम्मीद जताई है कि नीट सुपर स्पेशियलिटी काउंसलिंग के जरिए इसी सत्र से छात्र-छात्राएं प्रवेश ले सकेंगे। संस्थान की ओर से मेडिकल पढ़ाई और प्रशिक्षण के लिए सभी आवश्यक संसाधनों की तैयारी पूरी कर ली गई है।
इस पहल को प्रदेश में बाल चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।