चेन्नई में खेले गए टी20 विश्व कप 2026 मुकाबले में संजू सैमसन ने विकेटकीपिंग में अपनी क्लास दिखाते हुए सबका ध्यान खींच लिया। जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्हें भारत के लिए विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में मौका मिला। फॉर्म में गिरावट के चलते उन्हें पहले प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया था और उनकी जगह ईशान किशन को मौका मिला था। हालांकि इस मैच में रिंकू सिंह को बाहर कर संजू को अंतिम एकादश में शामिल किया गया। इससे पहले उन्होंने नामीबिया के खिलाफ मैच खेला था, लेकिन उसमें विकेटकीपिंग नहीं की थी।
हवा में गोता लगाकर पकड़ा शानदार कैच
जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में संजू ने एक शानदार कैच लपककर सभी को प्रभावित कर दिया। शिवम दुबे की गेंद पर ताशिंगा मुसेकिवा ने जोरदार शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर की ओर चली गई। संजू सैमसन ने अपनी दाईं ओर हवा में छलांग लगाते हुए बेहतरीन कैच पकड़ा और दुबे को अहम विकेट दिलाया। दुबे इस मुकाबले में महंगे साबित हुए और दो ओवर में 46 रन खर्च किए, लेकिन संजू की फुर्ती ने उन्हें सफलता दिला दी।
बल्ले से भी किया अहम योगदान
सिर्फ विकेटकीपिंग ही नहीं, संजू ने बल्लेबाजी में भी टीम को मजबूत शुरुआत दी। उन्होंने अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत की और पहले ही ओवर में छक्का जड़कर इरादे साफ कर दिए। संजू ने 15 गेंदों में एक चौका और दो छक्कों की मदद से 24 रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए 47 रन जोड़े। इससे पहले भारतीय ओपनिंग जोड़ी ने इस टूर्नामेंट की पांच पारियों में कुल 34 रन ही जोड़े थे। लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन बनाने के मकसद से ही संजू को यह जिम्मेदारी दी गई थी।
भारत ने 72 रन से दर्ज की बड़ी जीत
मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 256 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो टी20 विश्व कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है और टूर्नामेंट में भारत का सर्वश्रेष्ठ स्कोर भी। जवाब में जिम्बाब्वे ने भी संघर्ष दिखाया। ब्रायन बेनेट ने नाबाद 97 रन बनाकर टीम को 184 रन तक पहुंचाया, लेकिन भारत ने 72 रन से मुकाबला जीतकर सेमीफाइनल की उम्मीदें कायम रखीं।
संजू सैमसन की यह ऑलराउंड परफॉर्मेंस टीम इंडिया के लिए निर्णायक साबित हुई और उन्होंने साबित कर दिया कि बड़े मंच पर वह मैच का रुख बदलने का माद्दा रखते हैं।