Browsing Tag

Bastar rehabilitation policy

बारूद से कॉफी तक: बस्तर के जंगलों में बदली जिंदगी, पूर्व माओवादी अब कैफे और रोजगार से जोड़ रहे नई…

छत्तीसगढ़ के बस्तर की पहचान लंबे समय तक माओवादी हिंसा और बंदूकों की गूंज से जुड़ी रही, लेकिन अब यहां बदलाव की नई कहानियां सामने आ रही हैं। जिन हाथों में कभी हथियार और बारूद हुआ करते थे, वही हाथ आज चाय-कॉफी के कप सजाते नजर आ रहे हैं।…
Read More...