सिर्फ बच्चों का खिलौना नहीं टेडी, 30 की उम्र में भी बन सकता है ‘इमोशनल सपोर्ट’, वैलेंटाइन वीक में खुद को दें सुकून का तोहफा
नई दिल्ली। फरवरी की दस्तक के साथ ही वैलेंटाइन वीक की रौनक बाजारों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर साफ नजर आने लगती है। रोज डे से लेकर टेडी डे तक, खासकर स्कूल और कॉलेज के युवा इन दिनों को पूरे उत्साह के साथ मनाते हैं। बाजारों में रंग-बिरंगे, अलग-अलग साइज और डिजाइन के टेडी बियर सजे हुए हैं। हालांकि 30 की उम्र पार कर चुके कई लोग इन्हें देखकर अक्सर यह कहकर आगे बढ़ जाते हैं कि ये सब बच्चों के लिए होते हैं।
लेकिन बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ते मानसिक दबाव के दौर में यह सोच तेजी से बदल रही है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि टेडी बियर अब सिर्फ खिलौना नहीं, बल्कि इमोशनल सपोर्ट का एक सरल और असरदार माध्यम भी बन सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो कॉर्पोरेट स्ट्रेस और अकेलेपन से जूझ रहे हैं।
कॉर्पोरेट भागदौड़ में सॉफ्ट टच देता है राहत
आज की 9 से 6 की नौकरी, लगातार मीटिंग्स, टारगेट और डेडलाइंस मानसिक थकान को बढ़ा रही हैं। दिनभर स्क्रीन के सामने बिताने के बाद शरीर और दिमाग दोनों को डी-कंप्रेशन की जरूरत होती है। ऐसे में सॉफ्ट टेक्सचर वाली चीजें दिमाग को शांत करने में मदद करती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार जब कोई व्यक्ति सॉफ्ट पिलो या टेडी बियर को गले लगाता है, तो शरीर में ऑक्सीटोसिन हार्मोन रिलीज होता है, जिसे ‘कडल हार्मोन’ कहा जाता है। यह तनाव और कोर्टिसोल लेवल को कम करता है। 30 की उम्र में जिम्मेदारियों के बढ़ते बोझ के बीच यह छोटा सा तरीका दिनभर की थकान को कम करने में सहायक हो सकता है।
एंग्जायटी और पैनिक में कारगर
बाजार में अब वेटेड ब्लैंकेट की तरह वेटेड टेडी बियर भी उपलब्ध हैं। ये हल्के भारी होते हैं और डीप प्रेशर स्टिमुलेशन के सिद्धांत पर काम करते हैं। इन्हें गोद में लेने या सीने से लगाने पर शरीर को सुरक्षा का अहसास मिलता है।
मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े जानकार बताते हैं कि ऐसे टेडी एंग्जायटी कम करने और पैनिक अटैक के दौरान खुद को ग्राउंडेड महसूस कराने में मददगार हो सकते हैं। यह किसी दूसरे पर निर्भर हुए बिना खुद को शांत करने की एक प्रभावी सेल्फ-सूदिंग तकनीक मानी जाती है।
इन्नर चाइल्ड हीलिंग का माध्यम
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार हर व्यक्ति के भीतर एक ‘इन्नर चाइल्ड’ होता है, जो बचपन के अनुभवों, अधूरे भावनात्मक पहलुओं और अनकहे डर को अपने साथ लेकर बड़ा होता है। 30 की उम्र वह दौर होता है, जब कई लोग थेरेपी और आत्मचिंतन के जरिए अपने इन्नर चाइल्ड को समझने और हील करने की कोशिश करते हैं।
ऐसे में खुद के लिए एक टेडी बियर खरीदना इस बात का संकेत हो सकता है कि व्यक्ति अपने उस मासूम हिस्से को स्वीकार कर रहा है। बेडसाइड पर सॉफ्ट खिलौना रखना यह दर्शाता है कि आप अपनी भावनाओं को नजरअंदाज नहीं कर रहे, बल्कि उन्हें जगह दे रहे हैं।
अकेलेपन में नॉन-जजमेंटल साथी
मेट्रो शहरों में अकेले रहने वाले प्रोफेशनल्स के लिए घर की खामोशी कई बार भारी पड़ जाती है। ऐसे में टेडी बियर एक ऐसे साथी की तरह होता है, जो बिना किसी जजमेंट के साथ रहता है। उससे बातें करना, उसे पास रखकर सोना या बस उसकी मौजूदगी महसूस करना अकेलेपन के एहसास को काफी हद तक कम कर सकता है।
बदलते समय में टेडी बियर अब सिर्फ बच्चों की पसंद नहीं रह गया है, बल्कि वयस्कों के लिए भी मानसिक सुकून और भावनात्मक सहारे का एक साधन बनता जा रहा है।